बदायूं। गांधी ग्राउंड में रामलीला के मेला परिसर में झूला लगाने की अनुमति देने के नाम पर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोपों की जांच तेज हो गई है। जांच कमेटी के अध्यक्ष एडीएम प्रशासन की ओर से आरोपों से घिरे सिटी मजिस्ट्रेट के तत्कालीन स्टेनो आशीष सक्सेना के साथ ही श्रीरामलीला महोत्सव कमेटी के अध्यक्ष अरविंद कांत को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के माध्यम से दाेनों पक्षों से जवाब मांगा गया है।
श्रीरामलीला महोत्सव कमेटी की ओर से गांधी ग्राउंड में रामलीला का आयोजन पिछले कई वर्षों से किया जा रहा है। रामलीला, झूले आदि लगाने के लिए प्रशासन से अनुमति ली जाती है। कमेटी अध्यक्ष का आरोप है कि इस बार रामलीला में झूले लगाने की परमिशन के नाम पर सिटी मजिस्ट्रेट के तत्कालीन स्टेनो आशीष सक्सेना ने 50 हजार रुपये की मांग की।
मामले की जानकारी भाजपा जिलाध्यक्ष को हुई तो उन्होंने इसकी शिकायत डीएम से की। आनन-फानन में दो सदस्यीय कमेटी बनाई गई। प्रारंभिक जांच के बाद डीएम ने आशीष सक्सेना को स्टेनो के पद से हटाकर दातागंज रीडर के पद पर भेज दिया। डीएम के निर्देश पर एडीएम प्रशासन मामले में जांच कर रहे हैं। उन्होंने आगे बढ़ते हुए दोनों पक्षों को नोटिस भेजा है। निर्धारित समय में दोनों को अपना-अपना पक्ष रखने की बात कही है। पक्ष मिलने के बाद में जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। इस दौरान टीम भी अपने स्तर से इसकी जांच करेंगे।
दोनों पक्षों को नोटिस जारी किए गए हैं। जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक जांच में स्टेनाे को यहां से हटाकर पहले ही दातागंज भेजा चुका है। जांच पूरी होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - अवनीश राय, डीएम