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छह के बीच नहीं, अब हर  गांव में खुलेंगे जनसेवा केंद्र

Wed, 30 Mar 2016 11:57 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
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जिले के 1038 गावों में कंप्यूटर कोर्स किए युवाओं को मिलेगा रोजगार 
ई-गवर्नेंस कार्यालय में आवेदनों का लगा हुआ है तांता, डीएम करेंगे चयन
 जन सुविधा केंद्रों के लिए त्रिवेणी, लोकवाणी को किनारे कर वयंटेक के अंडरटेक जनसुविधा केंद्रों को वरीयता मिली है। पहले जहां छह गांवों के बीच एक जनसुविधा केंद्र खोले जाने का प्रावधान था। ई-गवर्नेस के लिए अब जिले के सभी 1038 गांवों में जनसेवा केंद्र खोले जाएंगे। इसके लिए आवेदन शुरू हो गए हैं। 
जनसुविधा केंद्रों के संचालक का पूरा ठेका वयंटेक को ही दिया गया है। इसके ग्राम पंचायतों में खुलने वाले जनसेवा केंदा्रें पर 90 सुविधाएं और प्रदान कर देने से इसकी उपयोगिता और बढ़ गई है। ई-गवर्नेंस कार्यालय में आवेदकों की लाइन लगनी शुरू हो गई हैं। इस सुविधा को बढ़ावा देने के लिए त्रिवेणी और लोकवाणी भी अल्प सेवाओं के कारण पीछे रह गई हैं। इसकी उपयोगिता समझते हुए आवेदकों में भी इसके जनसेवा केंद्रों के प्रति उत्साह है। 
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ग्रामीण युवा जो कंप्यूटर कोर्स किए हुए हैं और बेराजगार हैं, उन्हें यह सेवा वरदान होगी और रोजगार का अवसर प्रदान करेगी। इसके लिए आवेदकों को अपनी वोटर आईडी, शैक्षिक प्रमाण पत्र, कंप्यूटर कोर्स का प्रमाण पत्र आदि के साथ आपेदन करना होगा। डीएम इनके आवेदकों को नियुक्ति देंगे। पहले वयंटेक संस्था स्वयं ही जन सेवा केंद्रों का चयन कर लेती थी, लेकिन अब यह अधिकार डीएम के अधीन कर दिया गया है।
सीएससीएसपीवी (कामन सर्विस सेंटर सर्विस प्रोवाइडर विलेज) के तहत त्रिवेणी पर कोई रजिस्ट्रेशन नहीं बचा है। इसका प्रयोग पेन कार्ड, आधार कार्ड आदि के लिए ही रह गया है। यूपी सरकार ने इसे कोई सेवा नहीं दी है। प्रदेश सरकार ने नेट सेवा के लिए वयंटेक संस्था के ठेका का ही नवीनीकरण कर दिया है। पहले इसके द्वारा छह गांवों में एक जन सेवा केंद्र खोले जाने की अनुमति थी लेकिन अब जिले के हर गांव में वयंटेक अपने जन सेवा केंद्र संचालित कर सकेगा। पहले जन सेवा केंद्रों में 26 सेवाएं मिल रहीं थीं, लेकिन अब 90 सेवाएं और बढ़ा दी गई हैं। 
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वयंटेक से जुड़े जनसेवा केंद्रों पर 116 जनसुविघाएं प्राप्त होंगी। हर गांव में जनसेवा केंद्र हो जाने से लोगों को अधिक दूर भी नहीं जाना पड़ेगा। आगे इन सेवाओं का बड़ा लाभ मिलेगा और सरकारी कार्यालयों से भीड़ छटेगी। गांव में बैठे लोगों को बेहतर नेट सर्विस तरक्की के रास्ते खोलेगी। 
- धर्मेंद्र यादव, प्रबंधक ई-गवर्नेंस
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