बिसौली थाना क्षेत्र में भैंस चोरी और उसकी फिरौती वसूलने के चर्चित मामले में पुलिस की भूमिका लोगों को अखर रही है। पुलिस ने पीड़ित की सुनी नहीं। उसने आईजीआरएस में शिकायत की तो कोतवाल ने जांच में दो पक्षों का आपसी विवाद और समझौता दिखाकर शासन को भ्रमित करने की कोशिश की। अब पीड़ित की शिकायत पर बिसौली सीओ ने जांच के आदेश किए हैं लेकिन दो दिन से पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
बिसौली के कोट गांव निवासी रोहित गुप्ता ने शिकायत की थी कि उनकी 80 हजार रुपये कीमत की भैंस चोरी हो गई थी। कुछ दिन बाद दूसरे गांव के दो लोगों ने कहा कि उन्हें 24500 रुपये दो तो वह उनकी भैंस दिलवा सकते हैं। उन्होंने रकम दे दी तो शाम को उन्हें दूसरी भैंस पकड़ा दी गई। उन्होंने भैंस लेने से इंकार कर दिया तो काफी तकरार के बाद उन्हें करीब 19 हजार रुपये दे दिए गए। उनकी बाकी रकम बाद में देने का वादा किया गया। रकम नहीं मिली तो उन्होंने नामजद लोगों के खिलाफ बिसौली कोतवाली में तहरीर दी लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। तब उन्होंने आईजीआरएस में शिकायत की। अब बिसौली कोतवाली प्रभारी ने इस प्रकरण की जांच मनमानी तरीके से भेज दी है। रोहित ने कोतवाल की जांच रिपोर्ट और फिरौती के लेनदेन संबंधी ऑडियो क्लिप सीओ को सौंपकर कार्रवाई की मांग की। प्रभारी कोतवाल की जांच रिपोर्ट में जिक्र है कि दो पक्षों में भैंस की खरीद फरोख्त को लेकर विवाद है। विपक्षी ने कुछ पैसे वापस कर दिए हैं तथा कुछ पैसे शेष हैं। प्रार्थना पत्र में आरोप बढ़ाकर दिखाए गए हैं। जांच के दौरान आरोपी और वादी दोनों ही नहीं मिले। उन्हें हिदायत दी गई है, समझौता करा दिया जाएगा। पीड़ित रोहित गुप्ता ने कहा कि प्रभारी कोतवाल या पुलिस एक बार भी उनके घर नहीं आई है और न ही उनसे किसी की मोबाइल पर बात हुई है। घटना को मोड़ने की कोशिश की जा रही है जिसका प्रमाण उनके पास है। पीड़ित की शिकायत पर सीओ बिसौली मुन्नालाल ने कोतवाली पुलिस को तत्काल रिपोर्ट लिखने के निर्देश दिए। कोतवाली में दूसरे दिन भी रिपोर्ट नहीं लिखी गई है। प्रभारी कोतवाल राजेश कश्यप का कहना है कि वह मामले की जांच कर रहे हैं, रिपोर्ट दर्ज कर ली जाएगी।