उझानी/ कछला। गंगाघाट पर स्नान के दौरान गहराई में चले जाने पर नौ कांवड़िये बह गए। अलग-अलग स्थानों पर तीन बार शोर मचने पर गोताखोर भी दौड़ पड़े। उन्होंने कांवड़ियों को डूबने से बचा लिया। इसे लेकर घाट पर काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा।
पहला हादसा रविवार सुबह करीब नौ बजे रेलवे पुल के पास हुआ। सिविल लाइंस क्षेत्र के गांव नौशेरा निवासी कांवड़ियों का जत्था गंगा में स्नान के दौरान गहराई की तरफ बढ़ गया। प्रवाह अधिक होने की वजह से टोली में शामिल गौरव पुत्र रामबहादुर और पवन पुत्र छत्रपाल बहने लगे। साथी कांवड़ियों के शोर मचाने पर पहुंचे गोताखोरों ने दोनों को डूबने से बचा लिया।
इसके अलावा बदायूं के गांव मोंगर निवासी सचिन पुत्र खुलीचंद्र, कबूलपुरा निवासी मोहित पुत्र मदनलाल, दातागंज के गांव गढ़ा निवासी राहुल पुत्र राजबहादुर भी नहाते समय गहरे पानी में जाने से डूब गए। चीख पुकार होने पर गोताखोरों ने उन्हें सकुशल बचा लिया। तीनों को गंगा से सुरक्षित निकालने पर उनके परिजन व साथियों ने राहत की सांस ली। ये सभी कांवड़िये करीब 18- 20 साल के हैं।
इसके अलावा गंगाघाट पर ही पूर्वाह्न करीब 11 बजे संजरपुर का सत्येंद्र (22) पुत्र अरविंद और दाताराम (18) पुत्र सुमित भी नहाते समय डूबने लगे। गोताखोरों की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रवि पुत्र गोपाल को भी गोताखोरों ने डूबने से बचाया। गोताखोरों में फजले ने बताया कि ये कांवड़िये गहराई वाले स्थान पर लगे संकेतक लांघकर आगे बढ़ गए थे। उन्हें नाविक ने टोका भी, लेकिन वह नहीं रुके। नगर पंचायत कर्मियों ने इनमें से एक का घाट पर ही बने अस्थायी अस्पताल में प्राथमिक उपचार भी कराया।
गंगाघाट से दो कांवड़ियों के मोबाइल समेत नकदी चोरी
रविवार सुबह मानकपुर निवासी विशाल पुत्र ब्रजेंद्र डुबकी लगाने के लिए कपड़े और बैग तख्त पर रखकर गंगाघाट पर आगे बढ़ गए। स्नान कर लौटे तो बैग और कपड़े गायब थे। बैग में मोबाइल फोन और दो हजार रुपये थे। कांवड़ियों में बरेली के नवाबगंज निवासी विमलेश पुत्र रामस्वरूप का मोबाइल फोन भी चोरी हो गया। इससे पहले गंगाघाट पर कांवड़ियों की बाइकें भी चोरी हो चुकी हैं।