बदायूं। उसहैत इलाके में एक नवजात शिशु बोरे में बंदकर जंगल में फेंक दिया गया। लोगों ने उसके रोने की आवाज सुनी तो पुलिस और चाइल्ड लाइन को सूचना दी, जिस पर पुलिस ने बच्चे को महिला अस्पताल के एमएनसीयू में भर्ती करा दिया है। फिलहाल नवजात स्वस्थ बताया जा रहा है। ग्राम रूपापुर निवासी ग्रामीण गुरुवार सुबह जंगल की ओर काम करने गए थे। तभी उन्होंने जंगल में पड़े बोरे से एक नवजात बच्चे की रोने की आवाज सुनी। सुनसान जंगल में नवजात की आवाज सुनकर वह दंग रह गए। जब उन्होंने नजदीक जाकर बोरा खोला तो उसके अंदर नवजात शिशु हिलडुल रहा था। उन्होंने ये देखकर तुरंत यूपी 112 पुलिस के सूचना दी। जिससे कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। तब तक गांव के दर्जनों लोग मौके पर जमा हो गए। देखते ही देखते ये खबर आग की तरह फैल गई। चूंकि नवजात लड़का था इसलिए लोग अनुमान लगा रहे हैं कि किसी बिन ब्याही मां ने बालक को फेंका होगा। रात में उसकी घर के अंदर डिलीवरी हुई होगी। लोकलाज के डर से उसे बोरे में बंदकर फेंक दिया गया। पुलिस नवजात को महिला अस्पताल के एमएनसीयू ले गई और उसे भर्ती करा दिया गया। इसकी सूचना पर चाइल्ड के जिला कोऑर्डिनेटर कमल शर्मा भी पहुंच गए। उन्होंने बताया कि इस बारे में बाल कल्याण समिति को भी सूचना दी गई है। फिलहाल नवजात का इलाज चल रहा है। उसके बाद ही तय किया जाएगा कि बच्चा कहां भेजा जाएगा।