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नेताजी सुभाष से प्रेरणा लेते हैं युवा, बुजुर्गों को याद है उनका पराक्रम

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नेता जी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। नेता जी सुभाष चंद्र बोस के पराक्रम को जहां बुजुर्ग याद करते हैं वहीं युवा वर्ग उनसे प्रेरणा ले रहा है। हालांकि, यह बात अलग है कि जिम्मेदारों को नेताजी की जयंती पर ही उनकी याद आती है। शनिवार को सुभाष चौक स्थित नेताजी की प्रतिमा के आस-पास सफाई कराई गई। रविवार को नेताजी की जयंती मनाई जाएगी।
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आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर आज तक बने रहस्य को लेकर बुजुर्गों में टीस भी है। बुजुर्गों का कहना है कि नेेता जी को लेकर बना रहस्य अब खत्म होना चाहिए। शहर में नेता जी के नाम से सुभाष चौक है। इस चौराहे पर नेता जी की प्रतिमा भी स्थित है, लेकिन अनायास ही लोगों को ध्यान इस ओर जाता होगा। प्रतिमा के आसपास अतिक्रमण भी है। युवा वर्ग नेता जी से प्रेरित है। वहीं बुजुर्ग अब भी नेता जी से जुड़े किस्सों पर बात करते हैं। 85 वर्ष से ज्यादा के हो चुके महेश चंद्र शर्मा का कहना है कि तब वह युवा थे। देश में स्वतंत्रता संग्राम चल रहा था उस वक्त सबसे ज्यादा चर्चा नेता जी के नाम पर ही होती थी। स्वतंत्रता संग्राम में अनगिनत लोगों ने भाग लिया और कुर्बानी दी, लेकिन नेता जी सबसे आगे थे।
बुजुर्ग झांझन राम का कहना है कि नेता जी को लेकर जो रहस्य है वह अब दूर होना चाहिए। अब वह बुजुर्ग हो चुके हैं, युवा अवस्था से ही वह नेता जी से प्रभावित रहे। सरकारें आती और जाती रहीं, लेकिन नेता जी को लेकर आज तक बहुत सारी चीजें स्पष्ट नहीं हो सकी हैं। यह उनके मन में टीस है।
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यह बोले लोग
मैं उम्र के 85 साल पूरे कर चुका हूं। नेता जी सुभाष चंद्र बोस से आज भी प्रेरणा लेता हूं। युवाओं को भी चाहिए के वह नेता जी से प्रेरणा लें। नेता जी ने अपना सब कुछ देश के लिए समर्पित कर दिया। नेता जी सुभाष चंद्र बोस ही एक ऐसी शख्सियत हैं जिनका सिर्फ जन्मदिन मनाया जाता है। उनकी पुण्यतिथि को लेकर स्थिति साफ होनी चाहिए।
-महेश चंद्र शर्मा
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नेता जी सुभाष चंद्र बोस ने जब आजाद सिंह फौज का गठन किया था उस वक्त किशोर अवस्था में था। उन दिनों मीडिया माध्यम इतने नहीं थे। दूरसंचार के साधन भी सीमित थे। उन दिनों बुजुर्गों से नेता जी के किस्सों को सुनते थे तो रोमांच आता था। आजादी की लड़ाई को भी नजदीक से देखा है। नेता जी आज भी प्रेरणास्रोत हैं।
-झांझन राम
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महापुरुष हमेशा प्रेरणा के स्रोत होते हैं। भारतीय राजस्व सेवा में रहने के दौरान मेरी तैनाती देश के अलग-अलग राज्यों में रही। नेताजी सुभाष चंद्र बोस ऐसी शख्सियत हैं जो हर जगह लोकप्रिय हैं। वह प्रेरणा के स्रोत हैं। नेता जी को लेकर जो रहस्य आज भी है वह दूर होना चाहिए। नेता जी देश के सच्चे सिपाही थे।
-जगदीश सरन
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस से प्रेरणा मिलती है। उन्होंने देश के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। आजाद हिंद फौज का गठन नेता जी ने देश की आजादी के लिए किया था। नेता जी के बारे में अब तक जितना सुना और पढ़ा है वह रोमांचक है। देश को आजादी असल में नेता जी ने ही दिलाई थी, वह युवाओं की प्रेरणा हैं।
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-अनुभव उपाध्याय
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