पुलिस ने बयान लिए, खुफिया अमले ने भी ली जानकारी
परिवारीजन खामोश, परिवार ने सत्यता की जांच को तहरीर दी
जेसी टॉकीज में रहने वाले नेपाली कारीगर रनवीर की हत्या के मामले में परिवारवालों की सुस्ती के बावजूद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस किसी नतीजे पर पहुंचने के बाद ही कार्रवाई की बात कह रही है। वहीं, हत्या की खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिस अधिकारियों के अलावा खुफिया अमले ने भी मौके पर जाकर घटना की जानकारी ली।
जेसी टॉकीज के कमरे में रहने वाले और स्थानीय नारंग होटल के चिकन कारीगर रनवीर की सोमवार को जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। मूल रूप से नेपाल के धनगढ़ी का निवासी रनवीर इससे पहले गंभीर हालत में अपने कमरे के बाहर पड़ा मिला था। टॉकीज के पास में ही रहने वाले पुत्र आकाश ने उसे भर्ती कराया था। मौत के बाद पोस्टमार्टम में सिर की हड्डी टूटने से मौत की पुष्टि हुई। मारपीट जैसे तमाम निशान शरीर पर मौजूद थे। लग रहा था कि किसी ने बुरी तरह पीटकर रनवीर की हत्या की है। घोंचा गांव में ब्याही रनवीर की बेटियों ने होटल मालिक नन्हे पर पिता का रुपयों को लेकर झगड़ा होने का आरोप लगाया। बेटे के सुर भी ऐसे ही थे। तब रात में ही पुलिस ने नन्हे और होटल के कुछ स्टाफ को कोतवाली में बैठा लिया। चूंकि इसी होटल में छह महीने पहले भी एक हत्या हो चुकी है, इसलिए इन लोगों पर शक और ज्यादा गहरा गया था। हालांकि नन्हे का कहना था कि उसने तीन दिन पहले ही रनवीर का हिसाब कर दिया था। रविवार रात जब नशे की हालत में रिक्शे वाला रनवीर को उनकी दुकान के पास छोड़ गया तो उन्होंने अपने कर्मचारी मनोज से जरूर उसे उसके कमरे तक पहुंचवा दिया। लास्ट शो के बाद टॉकीज का बड़ा गेट भी हमेशा की तरह बंद हो गया। नन्हे ने सवाल उठाया कि ऐसे में कोई बाहरी व्यक्ति अंदर जाकर रनवीर पर कैसे हमला कर सकता है ? तर्कपूर्ण जवाब के बाद कोतवाल अजय यादव ने उसे छोड़ दिया।
मंगलवार को खुफिया अमले की टीम से लेकर पुलिस ने मौके पर जाकर कई लोगों के बयान लिए और घटनास्थल का मुआयना किया। रनवीर का पुत्र आकाश कहने के बावजूद मौके पर आने और कुछ बताने को तैयार नहीं हुआ। कोतवाल ने बताया कि रनवीर के परिवार ने इस घटना में जांच कराकर सच्चाई सामने लाने का अनुरोध किया है। उन्होंने किसी पर आरोप नहीं लगाया है। वह एसआई सत्य सिंह से जांच करा रहे हैं, जल्दी ही हकीकत पता कर ली जाएगी।