बदायूं। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत कोचिंग संचालन सिर्फ औपचारिकताओं तक ही सीमित रह गया है। जिले में अभी तक केवल नीट की ही कोचिंग शुरू की जा सकी है। जबकि, अन्य प्रतियोगी परीक्षा के लिए कोचिंग कब शुरू होगी इसका जिम्मेदारों के पास कोई सटीक जवाब नहीं है।
गरीब, माध्यम वर्ग के परिवार के बच्चे या फिर बेटियां जिले से बाहर तैयारी करने लिए नहीं जा पाती हैं। इसको देखते हुए प्रदेश सरकार की ओर से मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना को शुरू की गई। इसका संचालन समाज कल्याण विभाग के माध्यम से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के प्राथमिकताओं में शामिल कोचिंग का जिले में हाल-बेहाल है।
जुलाई में शुरू होने वाली कोचिंग का संचालन अब अक्तूबर में हुआ है। उसमें भी केवल औपचारिकता ही हैं। हालत यह है कि जिले में अभी महर्षि विद्या मंदिर इंटर कॉलेज और शिव देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में कोचिंग शुरू हो पाई है। जबकि चार इंटर कॉलेज को कोचिंग के लिए चयनित किया गया था। इन दो सेंटरों पर केवल नीट की तैयारी कराई जा रही है। यहां पर 129 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। जबकि अन्य प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए छात्र-छात्राओं को अभी अन्य जिलों पर ही निर्भर होना पड़ेगा।
जिन अभ्यार्थियों का चयन हुआ है। उनको ट्रेनिंग दी जा रही है। बाकी कॉलेजों से संपर्क किया जा रहा है। जैसे अन्य अभ्यर्थी मिलेंगे, उनको भी कोचिंग को लाभ दिया जाएगा। एनडीए को लेकर अभ्यर्थी संपर्क में हैं। इसके लिए भी जल्द ही कोचिंग शुरू करने के लिए योजना बनाई जा रही है।
-मीनाक्षी वर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी