बदायूं। बिना रजिस्ट्रेशन संचालित नीलम हॉस्पिटल को स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया है। अस्पताल में डेंगू पॉजिटिव महिला की मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की। अस्पताल संचालक अशोक कुमार और नीलम देवी के खिलाफ सहसवान के एमओआईसी की ओर से एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।
सहसवान क्षेत्र में संचालित नीलम हॉस्पिटल में डेंगू से संक्रमित एक महिला को उपचार के लिए पांच अक्तूबर को भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल के संचालन और पंजीकरण संबंधी अभिलेखों की जांच की। जांच के दौरान अस्पताल के बिना रजिस्ट्रेशन संचालित होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल को सील करा दिया गया। विभागीय कार्रवाई के साथ ही एमओआईसी प्रशांत त्यागी ने अस्पताल संचालक अशोक कुमार और नीलम देवी के खिलाफ सहसवान कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है।
-
पूर्व में भी हो चुकी है रिपोर्ट
नीलम हॉस्पिटल के संचालक अशोक कुमार और नीलम देवी की ओर से बबराला रोड पर अस्पताल संचालित किया जा रहा था। उनके खिलाफ बिना पंजीकरण के चिकित्सा व्यवसाय करने, विभाग को गुमराह करने और स्वास्थ्य विभाग के नियमों के उल्लंघन में रिपोर्ट सहसवान थाने में 16 मार्च 2026 को दर्ज कराई गई थी। साथ ही अस्पताल सील कर दिया गया था। बाद में इन लोगों ने विभाग और प्रशासन को गुमराह करते हुए नए स्थान पर आवासीय भवन में अवैध रूप से हॉस्पिटल खोलकर चिकित्सकीय काम शुरू कर दिए। यहां पर भी महिला की मौत होने की जानकारी मिलने पर कार्रवाई की गई है।
बिना पंजीकरण अस्पताल का संचालन नियमों के विपरीत है। ऐसे अस्पताल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। नीलम अस्पताल सील कराकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। -डॉ. विकास शर्मा, सीएमओ
जच्चा-बच्चा की मौत के बाद सेवा अस्पताल सील
- डीएम के निर्देश पर तहसीलदार और एमओआईसी ने की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। सहसवान में मंगलवार को जच्चा-बच्चा की मौत होने के मामले में डीएम के निर्देश पर तहसीलदार और एमओआईसी ने सेवा अस्पताल सील कर दिया। अस्पताल संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए कोतवाली में तहरीर दी गई है।
सहसवान क्षेत्र में स्थित सेवा अस्पताल में मंगलवार को गांव गढ़ौलिया पट्टी तासौल उर्फ धुबिया निवासी सलमान की पत्नी रिहाना (35) को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। डिलीवरी से पहले उनकी मौत हो गई। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। साथ ही परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया।
मामला सामने आने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहीं मामले को गंभीरता से लेते हुए बुधवार को सहसवान तहसीलदार राकेश सिंह और एमओआईसी प्रशांत त्यागी ने अस्पताल का निरीक्षण किया। इसके बाद सेवा अस्पताल सील कर दिया गया।
सहसवान के तहसीलदार राकेश सिंह ने बताया कि जच्चा-बच्चा की मौत के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और उपचार के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया को लेकर भी जांच की जा रही है। इस संबंध में एमआईसी प्रशांत त्यागी ने बताया कि अस्पताल को सील कर दिया गया है।