जिलेभर में देवी मठों और मंदिरों को सजाया, संवारा गया। शहर में प्रसिद्ध नगला देवी मंदिर में पूजा अर्चना की विशेष तैयारियां की गईं हैं। बिरुआबाड़ी मंदिर, रघुनाथ मंदिर, गौरीशंकर मंदिर, हरप्रसाद मंदिर के अलावा गली मोहल्ले के मंदिरों में देवी पूजा के लिए साज-सज्जा की गई। बिल्सी के प्रसिद्ध देवी भवन मंदिर में भी देवी प्रतिमा का श्रृंगार किया गया। गांवों में ग्राम देवता (गवां देवत) और देवी मठों में पूजा के विशेष प्रबंध किए गए हैं। शहर के नगला मंदिर में भीड़ होने के कारण यहां विशेष प्रबंध किए गए हैं।
निखार जन कल्याण समिति की सचिव और देवी आराधिका रजनी मिश्रा ने देवी दुर्गा मां को समस्त सृष्टि का गर्भ स्थान बताया। कहा कि इनकी पूजा से नकारात्मकता, सकारात्मकता में परिवर्तित होती है। उन्होंने बताया कि देवी पूजा में घट स्थापना विशेष महत्व है। कलश में ब्रह्मा, विष्णु, महेश के अलावा रुद्र, नवग्रह, सात द्वीपो, षोड्स मात्रिका, नवग्रह, चौंसठ योगिनियों आदि का वास होता है। कलश के ऊपर आम्र पल्लव और नारियल रखें और नीचे मिट्टी में जौ बोएं। घट स्थापना कर प्रतिदिन नियम से पूजा-अर्चना करने और आरती उतारने से मां मनवांछित फल प्रदान करती हैं।
नवरात्र में लाटेगी रौनक
बिसौली। श्राद्ध पक्ष के समापन के साथ ही 13 अक्तूबर से नवरात्र प्रारंभ होते ही जहां एक ओर बाजारों में रौनक लौटने लगेगी, वहीं मंदिरों की सजावट व व्यवस्थाओं को भी व्यवस्थित किया जा रहा है। नगर पालिका चेयरमैन अबरार अहमद ने पालिका कर्मियों की बैठक करके मंदिरों के आसपास साफ-सफाई करने व चूना डलवाने के भी निर्देश दिए। इसके साथ ही नगर में दो घंटे अतिरिक्त पेयजल आपूर्ति करने के निर्देश दिए हैं। नगर के बेनी महाराज मनोकामना मंदिर में प्रतिदिन महाआरती की जाएगी। हथौड़ा देवी मंदिर में प्रतिदिन यज्ञ का कार्यक्रम होगा। शाम से ही मंदिरों की सजावट हो जाने से खूबसूरती देखते ही बन रही है।