बदायूं। प्राइवेट स्कूलों ने आरटीई के तहत गरीब बच्चों को दाखिला देने से बचने के लिए नया रास्ता तलाशा है। कुछेक स्कूल पूर्व में अपने आप को बंद भी दिखा चुके हैं तो कुछ जगहों पर आरटीई की वेबसाइट पर स्कूल के बारे में लिखकर आ रहा है कि प्री- प्राइमरी कक्षा के लिए विद्यालय मैप नहीं है। स्कूलों और विभाग का आपसी तालमेल न होने की वजह से गरीब बच्चों को सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा।
शासन द्वारा आरटीई के तहत गरीब बच्चों को कांवेंट स्कूलों में निशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है। हालांकि संबंधित स्कूलों को शासन द्वारा तय मानक के अनुसार पूरे साल की फीस दी जाती है, जिससे स्कूल प्रशासन मोटी रकम नहीं वसूल पाते हैं। आरटीई के तहत आरक्षित सीटें न भरनी पड़ें, इसके लिए जिले में कई स्कूलों ने अपने-आप को बंद दर्शाकर आरटीई पोर्टल से अपना नाम हटा लिया है, जबकि स्कूल संचालित हैं। विभाग ने जब कड़ा रुख किया था तो उन्होंने पोर्टल पर नाम अपलोड कर दिया।
इस साल जब लोगों ने आरटीई के पोर्टल पर बच्चे का एडमिशन कराने के लिए आवेदन किया तो पोर्टल पर लिखकर आ रहा था कि प्री प्राइमरी कक्षा के लिए ग्राम पंचायत/ वार्ड में विद्यालय मैप नहीं है। इसकी वजह से बच्चों के दाखिले नहीं हो सकते। लोगों को मुख्यमंत्री पोर्टल पर इसकी शिकायत की है। इस संबंध में बीएसए स्वाति भारती ने बताया कि इसकी जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो इसको दिखवाते हैं। कहां पर दिक्कत आ रही है।