औसाफ जिनके आएंगे हर एक को नजर।
रुखसत हुए हैं इस तरह सरमद यहां से अब।
फरीद इदरीसी ने फरमाया
मुहब्बत का अपनी निशां दे गए हैं
हमें वो नयी दास्तां दे गए हैं
मशकूर नजमी, बाबर खा आसी, जौक वजीरगंजवी, फहमी बदायूंनी, हसीन बिसौलवी, माजिद बिसौलवी, डॉ. अमीरुद्दीन, अभीक्ष पाठक, आहत आलम बेग, फहीम बिसौलवी आदि ने भी कलाम पेश किया। हजरत अल्लामा मौलाना मुफ्ती सैयद वसीम अशरफ, सूफी साहब के भतीजे शायर हिलाल बदायूंनी आदि ने भी शेयरो-शायरियां पेश कीं।