गंगा से बाढ़ में उजड़े गांव तेलिया नगला को मूसेपुर में बसाया गया था
तहसील प्रशासन ने नहीं ली अग्निकांड पीड़ितों की सुध
मुजरिया थाने के गांव मूसेपुर के जंगल में बसे जाटव नगला में शनिवार को हुए अग्निकांड में एक दर्जन झोपड़ियां जल गईं। एक दर्जन परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए। तहसील प्रशासन ने अब तक अग्निकांड पीड़ितों की सुध नहीं ली है।
मुजरिया थाने का गांव तेलिया नगला तीन साल पहले आई बाढ़ में कट गया था। यहां के परिवारों को प्रशासन ने अलग-अलग स्थानों पर बसा दिया था। करीब दो दर्जन परिवारों को मूसेपुर गांव के पास जंगल में बसाया गया। यह परिवार यहां झोपड़ियां बनाकर रह रहे थे। इस गांव को जाटव नगला के नाम से जाना जाता है। शनिवार को गांव के जितेंद्र के घर में अचानक आग लग गई। अग्निकांड में जितेंद्र, मुनीष, मलखान, चोब सिंह, सोहनवती, रामभरोसे, अतर सिंह, कुंवरपाल और राम सिंह समेत एक दर्जन ग्रामीणों की झोपड़ियां जल गईं।
अग्निकांड में ग्रामीणों की झोपड़ियों में रखा अनाज और घरेलू सामान राख हो गया। गांव के लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। अग्निकांड से एक दर्जन परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। इनके पास खाने को एक दाना नहीं बचा है। तहसील प्रशासन ने भी सुध नहीं ली है। गांव के प्रधान भूप सिंह अपने स्तर से अग्निकांड पीड़ितों की मदद कर रहे हैं।