बदायूं। इस्लामनगर इलाके में शनिवार सुबह ग्राम मोहजुद्दीनगर ढकनगला के देवी मंदिर पर सखी बाबा की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। आरोपी उन्हें तड़पता छोड़कर भाग गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। उसकी तलाश में टीमें लगा दी गईं हैं। बाबा मंदिर पर करीब 40 साल से रह रहे थे।
75 साल के जयसिंह यादव मूल रूप से फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के ग्राम मानपुर के रहने वाले थे। वह करीब 40 साल से इस्लामनगर के ग्राम मोहजुद्दीनगर ढकनगला स्थित देवी मंदिर पर सखी बाबा उपनाम से रह रहे थे। ग्रामीणों के मुताबिक शनिवार सुबह गांव में प्रभातफेरी निकाली गई थी। उसमें सखी बाबा भी शामिल हुए थे। फेरी के बाद सखी बाबा मंदिर पर जलपान करने चले गए। सुबह सात बजे बाबा मंदिर के आवास में दूसरी मंजिल पर चाय बना रहे थे। उस समय कुछ लोग मंदिर के नजदीक सड़क पर बैठे हुए थे। उसी दौरान गांव का रामवीर उनके आवास में पहुंच गया।
बताया जाता है कि कुछ देर बातचीत हुई। उसके बाद रामवीर ने सखी बाबा पर चाकू से हमला बोल दिया। उनके गले और चेहरे पर कई प्रहार किए, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर गए। उनकी चीख सुनकर गांव वाले मंदिर की ओर दौड़े। तब तक आरोपी उनके आवास से निकलकर भाग गया। कुछ लोगों ने उसे पकड़ने की कोशिश भी की लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली। इधर, गांव वाले सखी बाबा की हालत देखकर घबराए और सीधे स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना इंस्पेक्टर धीरज सिंह सोलंकी पहुंच गए। बाद में एसपी देहात सिद्घार्थ वर्मा और सीओ बिल्सी अनिरुद्घ सिंह भी पहुंच गए। बाबा के शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। उनके बेटे नेकपाल की तहरीर पर आरोपी रामवीर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
हत्यारोपी को शक था, बाबा के मंत्र पढ़ने से अलग हो गई पत्नी, इसलिए ली जान
इस्लामनगर। थाना क्षेत्र में सखी बाबा की हत्या की मुख्य वजह क्या रही, अभी ये स्पष्ट तो नहीं हुआ है लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक आरोपी नशेड़ी प्रवृति का है। उसकी पत्नी उसके बड़े भाई के साथ रहती है। उसे शक था कि बाबा ने कोई मंत्र पढ़ दिया है, जिससे पत्नी उससे अलग हो गई। इसी चक्कर में वह बाबा से रंजिश मान रहा था और सुबह मौका देखकर उन पर हमला बोल दिया।
मोहजुद्दीनगर ढकनगला के ग्रामीण सखी बाबा जयसिंह यादव का बड़ा सम्मान करते थे। वह गांव के किसी व्यक्ति के घर का भोजन नहीं करते थे। वह स्वयं अपना भोजन बनाते थे और उसी का भोग लगाकर ग्रहण करते थे। वह पूरी तरह से स्त्री के वेश में रहते थे। मंदिर परिसर में दो मंजिल आवास बना हुआ है। दूसरी मंजिल पर बाबा का आवास था। मंदिर पर सुबह शाम गांव के लोग, महिलाएं, बच्चे पूजा अर्चना करने आते थे। ग्रामीणों के मुताबिक हत्यारोपी रामवीर और उसकी पत्नी भी मंदिर पर आती थी लेकिन कुछ साल से उसकी पत्नी ने आरोपी को छोड़ दिया है। वह रामवीर के बड़े भाई काले के साथ रहती है। इधर, रामवीर को शक था कि उसकी पत्नी पर बाबा ने कोई मंत्र पढ़ दिया है, जिससे वह उसके साथ नहीं रहती। उसके बड़े भाई के साथ रहती है। इससे वह मन ही मन बाबा से रंजिश मान रहा था। ग्रामीणों के मुताबिक आरोपी मंदिर पर रोज आता था। शनिवार सुबह उसे मौका मिल गया और उनकी चाकू से गोदकर हत्या कर दी। हालांकि हत्या की यही वजह है या फिर कोई और, इसका पता आरोपी के पकड़े जाने के बाद ही पता चलेगा।
राधा रानी के भक्त थे सखी बाबा
सखी बाबा यानी जय सिंह यादव का पूरा परिवार है। एक बेटा नेकपाल है। उसके बेटे भी हैं। मानपुर में जमीन जायदाद भी है। परिवार संपन्न है। वह 40 साल से मंदिर परिसर में ही रह रहे थे और तभी से उन्होंने स्त्री वेशभूषा धारण कर ली थी। ग्रामीणों के मुताबिक वह राधा रानी की पूजा करते थे तथा खुद को उनका बड़ा भक्त बताते थे। बताया जाता है कि उन्होंने सखी बनने के लिए अपना नाजुक अंग तक कटवा दिया था। महिलाओं के ही वस्त्र पहनते थे और उन्हीं की तरह श्रृंगार करते थे। ग्रामीणों का सखी बाबा से बेहद लगाव था। ग्रामीणों का कहना है कि वे मंदिर परिसर में ही बाबा की समाधि बनवाएंगे। उनके शव को मंदिर परिसर ले जाएंगे। उसके बाद ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
ये इस्लामनगर थाना क्षेत्र के मोहजुद्दीनगर ढक नगला की घटना है। इसमें एक व्यक्ति जिन्हें सखी बाबा के नाम से जाना जाता था, उनकी गांव के ही रामवीर ने आपसी विवाद के चलते चाकू से गोदकर हत्या कर दी। इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपी को तलाश किया जा रहा है। इसके लिए तीन टीमें लगाई गई हैं। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - संकल्प शर्मा, एसएसपी