अस्पताल में जांच करते एसएसपी
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पुलिस टीम सीसी फुटेज के आधार पर शेखूपुर रेलवे स्टेशन पर अपराह्न करीब एक बजे पहुंची। वहां हिस्ट्रीशीटर एक बेंच पर लेटा मिल गया, जिसे पुलिस ने आठ घंटे की मशक्कत के बाद गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी ने लापरवाही बरतने पर दोनों पुलिसकर्मियों के साथ इस्लामनगर इंस्पेक्टर विशाल प्रताप को भी निलंबित कर दिया है। वहीं, सदर कोतवाली में दोनों सिपाहियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
सिपाही से पूछताछ करते एसएसपी
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कागजी कार्रवाई पूरी न कर पाने का मिला दंड
एसएसपी डॉ. ब्रजेश सिंह ने पुलिस अभिरक्षा से भागे धीरेंद्र के मामले में रविवार रात इस्लामनगर इंस्पेक्टर विशाल प्रताप को निलंबित कर दिया है। उन्होंने बताया कि मुकदमा दर्ज करने के बाद इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी हिस्ट्रीशीटर को जेल भेजने व कागजी कार्रवाई पूरी करने की थी, लेकिन इंस्पेक्टर समय रहते कार्रवाई पूरी नहीं कर पाए। नतीजतन हिस्ट्रीशीटर के पैर का एक्स-रे भी नहीं हो सका। इस वजह से ही हिस्ट्रीशीटर को जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
अस्पताल में जांच करते एसएसपी
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वकील से मिलने की चाह में भागा, ई-रिक्शा से पहुंचा स्टेशन
पुलिस की पूछताछ में हिस्ट्रीशीटर ने बताया कि वह जेल जाने से पहले अपने लिए एक वकील करना चाहता था। क्योंकि अगर वह जेल चला जाता तो उसके मुकदमे को लड़ने के लिए कोई भी वकील नहीं करता। इस वजह से वह जिला अस्पताल से भागा। वह अस्पताल के पीछे शिवपुरम गली से होते हुए लालपुल तक पहुंचा। जहां उसे एक ई-रिक्शा चालक मिला। उसने चालक से रुपये नहीं होने की बात कही। चालक ने दरियादिली दिखाते हुए उसे शेखूपुर रेलवे स्टेशन तक छोड़ दिया, जहां से वह भागने की फिराक में था।
मुठभेड़ के दौरान बाएं पैर में लगी थी गोली
इस्लामनगर पुलिस ने 15 अगस्त की देर रात क्षेत्र के गांव अलीपुर के जंगल से हिस्ट्रीशीटर धीरेंद्र को गिरफ्तार किया था। जब पुलिस उसे गिरफ्तार करने पहुंची थी तब उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी थी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में धीरेंद्र के बाएं पैर में गोली लगी थी। इससे वह घायल हो गया था।
गला रेतकर की थी दरोगा की मां की हत्या
इस्लामनगर थाना क्षेत्र में मौसमपुर गांव निवासी मनवीर सिंह यादव हापुड़ जिले में बहादुरगढ़ पुलिस चौकी के प्रभारी हैं। 11 अगस्त की रात उनकी मां रातरानी उर्फ ज्ञानदेवी (65 वर्ष) की बदमाश ने चाकू से गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी थी। इसके बाद बदमाश उनके शरीर से सोने के जेवरात लूट ले गए थे। दरोगा ने गांव के ही हिस्ट्रीशीटर धीरेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।