विधानसभा चुनाव निपटने के बाद नगर पालिका परिषद चेयरमैन और सपा के जिला सचिव नूरउद्दीन को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है। उन पर पार्टी विरोधी कार्य करने का आरोप है। वहीं, नूरउद्दीन का कहना है कि वह पहले ही सपा से इस्तीफा दे चुके हैं। हालांकि विधानसभा चुनाव के दौरान 13 फरवरी को नाधा में चुनावी जनसभा को संबोधित करने आए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की जनसभा के मंच पर वह मौजूद थे। इस बारे में नूरउद्दीन का कहना है कि उनको बुलाया गया था इसलिए गए थे।
नूरउद्दीन का निष्कासन सपा के प्रदेश सचिव अरविंद सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अनुमति के बाद किया है। बुधवार को निष्कासन का आदेश यहां आने के बाद सहसवान में दोपहर पत्रकारवार्ता बुलाकर नूरउद्दीन ने कहा कि ब्लाक प्रमुख चुनाव में सपा ने उनके भाई ग्याशुद्दीन को चुनाव नहीं लड़ाया। उनको चुनाव से हटने को मजबूर कर दिया था, तभी उन्होंने सपा से अपना इस्तीफा दे दिया था। बता दें कि सपा ने चुनाव के दौरान भी जिले के कई नेताओं को बगावत और अनुशासनहीनता पर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया था।