स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर गांव को खुले में शौच से मुक्त कराने को अभियान चल रहा है। इस अभियान को सफल बनाने को प्रशासन ने पूरी ताकत लगा दी है। इसी क्रम में बुधवार को सफाई कर्मियों की एक टीम गांव तिगलापुर में शौचालयों के सत्यापन को पहुंची। तभी एक घर के लोगों ने सफाई कर्मियों के साथ मारपीट कर दी। मामले की शिकायत पीड़ित सफाई कर्मियों ने थाना मूसाझाग पुलिस से की किंतु पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर बृहस्पतिवार को काफी संख्या में सफाई कर्मचारी थाने पहुंच गए और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। दरोगा ने तहरीर लेने के बाद आरोपियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया तब कहीं जाकर वे शांत हुए। ब्लाक समरेर के एडीओ पंचायत राकेश कुमार गर्ग के निर्देश पर 13 सफाई कर्मचारियों की एक टीम बुधवार को शौचालयों के सत्यापन को गांव तिगलापुर पहुंची। टीम के छह सदस्य गांव निवासी बाबूराम कश्यप के घर पहुंचे और उन्होंने घर में शौैचालय होने अथवा न होने की जानकारी मांगी। आरोप है कि घर में शौचालय होने के बाद भी बाबूराम ने दिखाने से इंकार कर दिया और कहा कि उन्हें भी शौचालय दिलवाया जाए। इस पर टीम के सदस्यों ओमशंकर, उदयभान सिंह, नेमचंद्र, सुरेश, मनोज और चंद्रसेन ने कहा कि पहले मौके पर वह जांच करेंगे तब रिपोर्ट विभाग को सौंपेंगे। इसी पर बाबूराम और उनके बेटे भारत सिंह कश्यप में नोकझोंक हो गई। आरोप है कि पिता-पुत्र ने मारपीट शुरू कर दी। इस पर सफाई कर्मचारी किसी तरह उनके घर से बाहर निकल आए। गांव के बहुत से लोग भी मौके पर आ गए। उन्होंने हस्तक्षेप कर मामले को किसी तरह शांत कराया। बाद में पीड़ित सफाई कर्मचारियों ने थाना मूसाझाग पहुंचकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी किंतु पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया। इससे नाराज कई सफाई कर्मचारी बृहस्पतिवार को थाने पर पहुंच गए और प्रदर्शन करने लगे। दरोगा केपी सिंह ने उनसे फिर से तहरीर ली। आश्वासन दिया कि आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। तब कहीं जाकर सफाई कर्मी थाने से हटे।