शहर हो या देहात समूचे जिले में बिजली का बुरा हाल है। बिजली कब आएगी और कब जाएगी कुछ तय नहीं है। शाम होते ही बिजली की आवाजाही शुरू हो जाती है। दिन में गायब रहती है सो अलग। 24 में देखें तो 15-16 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। बुधवार रात नौ बजे गायब हुई बिजली रात में एक बजे आई। गर्मी और ऊपर से बिजली कटौती से लोग बेहाल हैं।
यूपी विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने 24 घंटे बिजली देने का वायदा किया था। मगर यूपी में सरकार बनने के बाद भाजपा के सारे दावे हवाई साबित हो रहे हैं। बिजली विभाग के अधिकारी शहर में 24 और देहात में 18 घंटे बिजली देने का दावा कर रहे हैं। मगर हकीकत इससे कहीं दूर है। छात्र, व्यापारी, महिलाएं गर्मी में बिजली की अघोषित कटौती से परेशान हैं। बिजली उपकेंद्रों पर आए दिन हंगामा, प्रदर्शन भी होता रहता है, लेकिन बिजली अफसरों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। बुधवार शाम जहां तीन घंटे बिजली की कटौती की गई। वहीं गुरुवार दोपहर में बिजली गायब रही। अधिशासी अभियंता प्रथम अतुल अग्रवाल ने बताया कि इमरजेंसी रोस्टिरिंग से कटौती कब हो जाए, इसका कोई टाइमटेबल फिक्स नहीं है। स्थानीय स्तर पर कोई कटौती नहीं की जा रही।