मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट आसरा आवासों पर भी कब्रिस्तान की बाउंड्री की तरह ढहने का खतरा बना हुआ है। आवासों के निर्माण का जिम्मा एक विधायक के करीबी कब्रिस्तान बाउंड्री घपले के आरोपी ठेकेदार को दिया गया है। करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से आवासों का निर्माण कराया जा रहा है। कार्यदायी संस्था कंट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएनडीएस) के भी तीन अफसर बाउंड्री घोटाला में आरोपी हैं।
जिले में 10 करोड़ रुपये की लागत से कब्रिस्तानों की बाउंड्री का निर्माण कराया गया था। समय से पहले ही बाउंड्री ढह गईं। शासन ने निर्माण की जांच सीएनडीएस के मुख्य महाप्रबंधक से कराई। जांच में पाया गया कि निर्माण में मानक को दरकिनार कर किया गया है। इसके बाद कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के चार अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। निर्माण करने वाले ठेकेदार वजीरगंज की ब्लाक प्रमुख सुमिता वार्ष्णेय के पति अरविंद वार्ष्णेय को भी आरोपी बनाया गया है। अरविंद एक विधायक के करीबी बताए जाते हैं। कब्रिस्तान बाउंड्री निर्माण में आरोपी होने के बाद भी उनको करोड़ों की लागत से बनाए जा रहे आसरा आवास का ठेका दे दिया गया है।
गौर करने वाली बात यह है कि आसरा आवास निर्माण के लिए करीब 25 प्रतिशत धनराशि जारी हो चुकी है। वजीरगंज, सैदपुर और बदायूं सदर में निर्माण चालू हो गया है। यह काम भी कब्रिस्तान घोटाले का आरोपी ठेकेदार ही करा रहा है। गुणवत्ता सवालों के घेरे में है। ऐसे में यह आशंका बन रही है कि कहीं आसरा आवास भी कब्रिस्तान की बाउंड्री की तरह न ढह जाए।
अर्सिस बर्खिन में ढह गया था मॉडल स्कूल
बदायूं। पिछले साल कुंवरगांव थाने के गांव अर्सिस बर्खिन में बेसिक शिक्षा विभाग का मॉडल स्कूल निर्माण के कुछ दिन बाद ही ढह गया था। इस स्कूल का निर्माण भी दागी ठेकेदार ने कराया था। उस वक्त डीएम ने तकनीकी कमेटी बनाकर जांच भी कराई थी। बाद में यह पूरा मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जाने की बात मेरी जानकारी में है। आसरा आवास निर्माण में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाएगा। अगर किसी गड़बड़ी की शिकायत आती है तो उसका संज्ञान लेकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-एके श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन/प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय