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Budaun News: अचानक गोवंश के बीच फंसे बाइक सवार युवक की ट्रैक्टर की टक्कर से मौत

Wed, 10 Jun 2026 11:18 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
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उसहैत क्षेत्र में सड़क किनारे पलटा पड़ा ट्रेक। संवाद
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उझानी। दिल्ली हाईवे स्थित बाइपास पर ट्रक के हार्न पर बिदके छुट्टा गोवंश के बीच फंसे बाइक सवार को ट्रैक्टर ने कुचल दिया। राहगीर उन्हें एंबुलेंस से लेकर अस्पताल भी पहुंचे, लेकिन चिकित्साधिकारी ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद चालक ट्रैक्टर को भगा ले गया।
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हादसा बुधवार दोपहर मानकपुर मोड़ के पास हुआ। उसहैत थाना क्षेत्र के गांव बिरियाडांडा निवासी मोनू यादव (27) पुत्र सुरेशचंद्र सहसवान में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी निजी फाइनेंस कंपनी में लेनदेन का काम निपटाकर घर लौट रहे थे। मानकपुर मोड़ के पास बाइपास के डिवाइडर पर बैठा छुट्टा गोवंश ट्रक के हार्न की आवाज पर अचानक ही बिदक गया। इसी दौरान सामने से ट्रैक्टर आ गया। बिदके गोवंश के बीच फंसे बाइक सवार मोनू ट्रैक्टर से बच पाते, उससे पहले ही उसने टक्कर मार दी। बाइक समेत मोनू के ऊपर से ट्रैक्टर का पहिया उतर गया। लहूलुहान मोनू को देख राहगीरों ने शोर मचाकर ट्रैक्टर को पकड़वाने की कोशिश भी की, लेकिन चालक ट्रैक्टर को ले गया।
राहगीरों में से एक युवक ने फोन कर एंबुलेंस को मौके पर बुला लिया। वह उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचा, लेकिन चिकित्साधिकारी ने उन्हें पहले से ही मृत घोषित कर दिया। शव की शिनाख्त कोतवाली क्षेत्र के गांव अहीरवारा निवासी योगेश यादव ने अपने साले मोनू के रूप में की। सूचना पर परिजन रोते-बिलखते अस्पताल आ गए। पुलिस ने अज्ञात ट्रैक्टर की तलाश के लिए मानकपुर मोड़ के आसपास लगे सीसी कैमरे भी खंगालने शुरू कर दिए हैं। मोनू की बाइक भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हो गई है।
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पांच दिन पहले ही ज्वाइन की थी फाइनेंस कंपनी
- फाइनेंस कंपनी में फील्ड ऑफिस मोनू यादव की मौत के बाद से परिवार के लोग बदहवास हैं। भाइयों में सबसे बड़े उमेश ने बताया कि पांच दिन पहले ही उन्होंने फाइनेंस कंपनी को ज्वाइन किया था। वह उसी दिन से रोजाना बाइक से सहसवान आते-जाते थे। मोनू पांच भाई और दो बहनों में बीच के थे। उनकी दो संतान में बेटा और बेटी है। पत्नी रीना अस्पताल आते ही बेहोश हो गई। परिवार के लोगों के लिए उन्हें संभालना भी मुश्किल हो गया। मृतक के बहनोई योगेश ने बताया कि दो दिन पहले ही मोनू ने अपनी बहन से बात कर कहा था कि तीन- चार दिनों में वह उनसे मिलने अहीरवारा आएंगे। यही कहते हुए उनकी बहन भी बदहवास नजर आईं।


डिवाइडर पर बैठे रहते हैं छुट्टा गोवंश, जिम्मेदार मौन
- दिल्ली और बरेली-मथुरा हाईवे से जुड़े बाइपास के डिवाइडर छुट्टा गोवंशीय पशुओं के लिए आरामगाह बने हुए हैं। ऐसा भी नहीं कि पालिका कर्मियों समेत पशुपालन विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं हो। सबकुछ पता होने के बाद भी छुट्टा पशुओं को पकड़वाने की कोशिश नहीं की जाती। मोनू की मौत से पहले भी मानकपुर मोड़ के पास बाइक और स्कूटी सवार लोग घायल हो चुके हैं।

उसहैत क्षेत्र में सड़क किनारे पलटा पड़ा ट्रेक। संवाद

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