उझानी। ससुराल में पत्नी के मामा को छोड़कर घर लौट रहे बाइक सवार शिक्षक को किसी वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, सूचना पर मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मी शरीर में सांस बताकर उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज भी ले गए थे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आरोपी वाहन चालक की तलाश शुरू कर दी है।
हादसा मंगलवार की शाम करीब चार बजे बरेली-मथुरा हाईवे पर गंगोरा मोड़ के पास हुआ। कस्बे में गौतमपुरी मोहल्ले की नई बस्ती निवासी प्राइवेट कॉलेज में शिक्षक प्रमोद कुमार (28) पुत्र बाबूराम की पड़ोस के गांव जिरौलिया में ससुराल है। उनके ससुर के मकान पर लिंटर पड़ रहा था, इसलिए वह पत्नी रेखा के मामा को जिरौलिया पहुंचाने बाइक से गए थे। लौटते में उन्हें सामने से आते किसी वाहन ने टक्कर मार दी। किसी राहगीर ने बाइक समेत उन्हें सड़क पर पड़ा देखा तो फोन करके पुलिस को बुला लिया। पीआरवी के पुलिस कर्मी उन्हें लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक के पिता बाबूराम ने बताया कि बेटे की मौत के बारे में उन्हें पुलिस से पता लगा। पुलिस ने बाइक के पंजीकरण नंबर के आधार पर ही उन्हें हादसे के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने ही शव की शिनाख्त की। परिवार के लोग और नाते-रिश्तेदार भी मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। प्रमोद हेलमेट भी लगाए थे।
सीओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि हादसे से जुड़े वाहन की तलाश की जा रही है। आसपास इलाके के सीसीटीवी कैमरे भी देखे जा रहे हैं। जल्द ही वाहन का पता लगाकर चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
दो संतानों में नौ माह का है मासूम बेटा, पत्नी समेत बेटी बदहवास
प्रमोद प्राइवेट विद्यालय में पढ़ाने से पहले अपना मेडिकल स्टोर भी चलाते थे। करीब आठ साल पहले उनकी शादी हुई थी। संतान में रूप में छह साल की बेटी शिवी के अलावा नौ महीना का बेटा यश है। यश को यह भी नहीं पता कि उसके सिर से पिता का साया उठ चुका है। हादसे के बाद से पत्नी रेखा और मां मंशो देवी बदहवास हैं। प्रमोद की मौत की सूचना के बाद ससुराल से भी महिलाएं आ गईं। लिंटर की दावत खाने के लिए बुलाए गए रिश्तेदार भी खाना छोड़कर मेडिकल कॉलेज पहुंच गए।
प्रमोद कुमार की फाइल फोटो।