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Budaun News: बिसौली में जच्चा-बच्चा की मौत, अधिकारियों ने सील किया अस्पताल

Thu, 01 Aug 2024 05:59 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
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मनीषा का फाइल फोटो।
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बिसौली (बदायूं)। जीवन हेल्थ केयर निजी अस्पताल में प्रसव के बाद हालत बिगड़ने पर जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। आहत परिवार वालों ने निजी अस्पताल के सामने हंगामा किया। वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया और महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। हालांकि, अभी डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने उसका अस्पताल सील करा दिया है।
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कोतवाली क्षेत्र के गांव शेखूपुरा निवासी अर्जुन यादव की पत्नी मनीषा (26) को मंगलवार दोपहर करीब दो बजे प्रसव पीड़ा हुई। परिवार वाले उसे नजदीकी गांव के एक डॉक्टर के पास ले गए। वहां से उसने महिला को कस्बे के जीवन हेल्थ केयर अस्पताल में भर्ती करा दिया।
परिवार वालों का कहना है कि डॉक्टर ने बताया था कि महिला का ऑपरेशन होगा, लेकिन इसके लिए हम लोग तैयार नहीं थे। इसके बावजूद उन्होंने जबरन ऑपरेशन कर दिया। इससे गर्भवती की हालत बिगड़ती चली गई। यहां से तुरंत उसे और नवजात को दूसरे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां भी उसकी हालत में सुधार नहीं आया।
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महिला को चंदौसी अस्पताल भेजा गया। फिर वहां से मुरादाबाद ले जाया गया। जहां एक निजी अस्पताल में महिला की मौत हो गई। इधर, सुबह बालक ने भी दम तोड़ दिया। परिवार वालों ने सुबह महिला का शव लाकर जीवन हेल्थ केयर अस्पताल के सामने रख हंगामा किया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। जैसे-तैसे पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर दोपहर के समय महिला के शव का पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
इधर, बुधवार दोपहर तहसीलदार विजय शुक्ला, एसीएमओ डॉ. मोहन झा और डॉ. कौशल गुप्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने मामले की छानबीन करते हुए निजी अस्पताल को सील कर दिया है।

- कस्बा और उसके आसपास चल रहे सभी अस्पतालों की जांच कराई जाएगी। अभी सभी को नोटिस दिया गया है। जांच के दौरान जिन अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नहीं पाया गया तो संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।- कल्पना जायसवाल, एसडीएम बिसौली

अस्पताल बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित होना पाया गया है। विभाग की ओर से अस्पताल को सील कराया गया है। एमओआइसी द्वारा तहरीर दी जाएगी। इसके बाद पुलिस कार्रवाई हो सकेगी। इस तरह के अस्पतालों को किसी कीमत पर संचालित नहीं होने दिया जाएगा। सर्वे कराया जा रहा है। जल्द ही अन्य अस्पतालों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई कराई जाएगी। इससे इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ

मनीषा का फाइल फोटो।

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