जिला महिला अस्पताल में हुई थी मुलाकात
सुधीर के मुताबिक वह पहले अपनी पत्नी को दिखाने जिला महिला अस्पताल गए थे। इसी दौरान ओटी में तैनात स्टाफ नर्स गुड़िया से संपर्क हुआ। आरोप है कि स्टाफ नर्स ने घर पर प्रसव कराने और जरूरत पड़ने पर बदायूं हॉस्पिटल में डिलीवरी की सुविधा होने की बात कही थी। उसी पर भरोसा करके वह पत्नी को लेकर उसके बताए स्थान पर पहुंचे थे। परिजनों ने पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पंजीकरण नहीं होने पर अस्पताल सील
घटना की जानकारी मिलने पर सीएमओ डॉ. विकास शर्मा ने तत्काल टीम को मौके पर भेजा। डिप्टी सीएमओ डॉ. तहसीन मौके पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मृतका के परिजनों से बात की। वहीं अस्पताल के संबंध में जानकारी की। पता चला कि यह अस्पताल बिना पंजीकरण के चल रहा है। इस पर अस्पताल को सील करा दिया गया है। परिजनों के आरोपों और प्रसव के दौरान हुई दोनों मौतों के मामले में पुलिस कार्रवाई कर रही है।
सीएमओ डॉ. विकास शर्मा ने बताया कि अस्पताल में मौत की जानकारी मिली। तुंरत टीम को मौके पर भेज दिया। अस्पताल को सील कराया गया है। प्रकरण की जांच कराते हुए आगे की कार्रवाई कराई जाएगी।