मझारा गांव में ग्रामसभा की जमीन पर एक पक्ष के लोगों ने पिछले महीने झोपड़ी डाल कर धार्मिक कार्यक्रम शुरू कर दिए थे। दूसरे पक्ष के लोगों ने विरोध किया तो टकराव के की स्थिति बन गई। पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया। तय हुआ कि कोई नई परंपरा शुरू नहीं होगी। 23 जुलाई की रात ग्रामसभा की इस जमीन पर धर्मस्थल का निर्माण शुरू करा दिया गया। दूसरे पक्ष ने विरोध किया तो टकराव हो गया। इसमें दो लोग घायल हो गए। मामले में आसिफ अली, इसरार अहमद, रहीश अहमद, अमीर अहमद, मम्मन सेन, नसीर और मामे के खिलाफ बलवा करने और कातिलाना हमले की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने अब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। इससे गांव के लोगों में गुस्सा है। कार्रवाई के नाम पर पुलिस वादी पक्ष को ही परेशान कर रही है।
भाजपा नेताओं के साथ एसपी सिटी से मिले ग्रामीण
बदायूं। मझारा के दर्जनों ग्रामीणों ने भाजपा नेताओं के साथ एसपी सिटी अनिल यादव से मुलाकात कर सांप्रदायिक माहौल खराब करने वालों की गिरफ्तारी की मांग की। मझारा के ग्रामीण पूर्व भाजपा विधायक अवनीश कुमार सिंह के आवास पर एकत्र हुए। यहां भाजपा जिलाध्यक्ष, पूर्व विधायक महेश गुप्ता ने उनसे बात की। बाद में ग्रामीण भाजपा नेताओं के साथ एसपी सिटी के आवास पर पहंचे। वहां उनको ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की। एसपी सिटी ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।