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बदायूं में बुखार का प्रकोप: पांच मौतों के बाद जागा स्वास्थ्य विभाग, गांवों में लगाया शिविर, सैकड़ों मरीज मिले

Mon, 21 Aug 2023 08:30 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

बदायूं के सकरी जंगल और गांव बिलहरी में पांच मरीजों की मौत हो चुकी है। इनके परिजनों का कहना है कि सभी मरीज बुखार से पीड़ित थे। रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने दोनों गांवों में कैंप लगाकर जांच कीं और लोगों को दवाइयां वितरित कीं। 
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लोगों को दवा वितरित करती टीम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बदायूं के उझानी क्षेत्र के सकरी जंगल गांव में महिला और किशोरी की मौत के बाद दूसरे दिन रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कैंप लगाकर मरीजों का इलाज किया। उन्हें दवाएं भी मुहैया कराईं गईं। अधिकतर घरों में बुखार और जुकाम के मरीजों का होना बताया जा रहा है। कैंप में करीब दो सौ मरीज पहुंचे। डेंगू और मलेरिया की जांच के लिए 70 मरीजों के नमूने लिए गए।

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चिकित्साधीक्षक राजकुमार गंगवार के नेतृत्व में रविवार पूरे दिन सकरी जंगल गांव में रही स्वास्थ्य विभाग की आठ सदस्यीय टीम ने कैंप लगाकर मरीजों का चेकअप किया। चिकित्साधीक्षक के मुताबिक शाम तक दो सौ से अधिक मरीज कैंप में आए। इनमें अधिकतर बुखार और खांसी-जुकाम के मरीज थे।

बता दें कि सकरी जंगल में तीन-चार दिनों से बुखार के मरीजों की संख्या में निरंतर इजाफा हो रहा है। ग्रामीणों को डेंगू के अलावा मलेरिया का भी शक बना हुआ है। शनिवार को गांव की निवासी बुजुर्ग हसीना पत्नी रफी अहमद और किशोरी दिलवरी पुत्री नूर हसन की मौत हो गई थी। 
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हसीना राजकीय मेडिकल कॉलेज तो दिलवरी निजी अस्पताल में भर्ती थी। दोनों के परिजनों का कहना है कि बुखार आने के बाद उनके प्लेटलेट्स में गिरावट आने लगी थी। चिकित्साधीक्षक ने बताया कि अब तक मलेरिया का कोई मरीज सामने नहीं आया है।

 

खलील का पूरा परिवार मेडिकल कॉलेज में भर्ती

सकरी जंगल निवासी करीब आधा दर्जन ऐसे परिवार हैं, जिनका प्रत्येक सदस्य बुखार की चपेट में है। ऐसे ही परिवारों में खलील अहमद भी शामिल है। खलील, उनकी पत्नी नसीम, बेटा नन्हे और बेटी निदा का इस वक्त राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। 

इसके अलावा सलीम, नसीर अहमद, अब्दुल हमीद, दिलशाद, शमशुल, रजुल, आशिक अली, इदरीश, नियाज अहमद, मुजाहिद, शह मोहम्मद, अलाउद्दीन और शाहिद आदि के परिजनों में एक-दो लोग भी बुखार की चपेट में हैं।

पहले चपेट में आ चुके हैं बसोमा और मानकपुर के लोग

इलाके में बुखार का प्रकोप पहले भी सामने आ चुका है। कोरोना से पहले बसोमा गांव में बुखार फैला तो दो महिलाओं समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी। उस वक्त बसोमा के हर घर में बुखार का मरीज निकला था। मानकपुर में भी एक मौत हुई थी। मानकपुर और बसोमा में गंदगी की वजह से संक्रामक रोग भी फैल गए थे।

बिलहरी में पांच लोगों में डेंगू के लक्षण

अलापुर क्षेत्र के गांव बिलहरी में बुखार से चार दिन में तीन लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में ग्राम पंचायत सदस्य यास्मीन (45) पत्नी आले नबी और गुलफशा बेगम के परिजनों ने निजी लैब में जांच कराई थी, जिसमे उन्हें डेंगू पॉजिटिव बताया गया था। नबी खान की भी बुखार से शनिवार को मौत हो गई थी। 

तीन मौतों की सूचना पर गांव में सीएमओ के निर्देश पर एक टीम भेजी गई, जिसने लोगों की जांच की और दवाएं वितरित कीं। रविवार को भी विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर जांच की। एमओआईसी डॉ. शुशान बनर्जी ने बताया 125 लोगो की मलेरिया की जांच की गई है, जिसमे एक व्यक्ति में मलेरिया के लक्षण मिले है। 75 लोगों की डेंगू की जांच की गई, जिसमें पांच में डेंगू के लक्षण पाए गए है। कैंप में 295 लोगो को दवा वितरण की गई।
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सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने बताया कि उझानी क्षेत्र के गांव सकरी जंगल और म्याऊं के बिलहरी में बुखार से मौतों की सूचना मिली थी। टीम के साथ मैं स्वयं गया था और लोगों की जांच करके दवाएं दी गई हैं। जिनमें बीमारी के लक्षण मिले हैं उनकी जांच को सैंपल लिए गए है। रिपोर्ट आने के बाद ही सही जानकारी हो सकेगी। प्रभावित क्षेत्रों में टीमें लगी हैं और लगातार काम कर रही हैं।
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