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Budaun News: तीन घंटे में आए आधार कार्ड के चार सौ से अधिक आवेदन

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उझानी में आधार कार्ड के लिए डाकघर के सामने जुटे आवेदक। संवाद
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उझानी। बच्चों के आधार कार्ड बनवाने और पहले हुईं खामियों को ठीक कराने के लिए आवेदकों की संख्या में निरंतर इजाफा हो रहा है। मंगलवार सुबह सात बजे डाकघर में भीड़ जुटने लगी। डाकघर खुलने से पहले ही आवेदकों की संख्या 400 पार हो गई। भीड़ में कई बच्चों को टोकन (नंबर) भी नहीं मिल पाया। इससे लोग परेशान रहे और पुलिस को सूचना दी।
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डाकघर खुलने से पहले जुटे महिला- पुरुष और बच्चों की भीड़ में शामिल कई युवक तो प्रथम तल पर स्थित कार्यालय तक पहुंचने के लिए सीढि़यों पर चढ़ गए, लेकिन महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। वह खुद को संभाले या फिर बच्चों को। आवेदकों की संख्या 400 से अधिक होने पर कुछ लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिसकर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित करके आवेदकों को टोकन (नंबर) वितरित कराए।
डाक अधीक्षक अश्वनी माहेश्वरी ने बताया कि एक सप्ताह तक के लिए टोकन वितरित कर दिए जाते हैं। एक दिन में 40 से अधिक कार्ड नहीं बन पाते है, बाकी लोगों को अगले दिनों की तारीख लिखकर टोकन मुहैया करा दिए जाते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत डाकघर के जर्जर भवन को लेकर है। परिसर में भीड़ जुटने पर हादसा होने की आशंका है।
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जन सुविधा केंद्र पर वसूलते हैं 500 रुपये
नये आधार कार्ड बनाने या फिर उनमें संशोधन का कार्य होता है। आधार कार्ड में संशोधन कराने के लिए पहुंचे कुडानरसिंहपुर निवासी चंद्रपाल ने बताया कि चार दिन पहले जब जन सुविधा केंद्र पर संशोधन केंद्र पर पहुंचे तो संचालक ने पांच सौ रुपये मांगे थे। संशोधन के शुल्क से कई गुना अधिक वसूली से परेशान लोगों ने ही डाकघर की ओर रुख कर दिया है।
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डाकघर की सीढि़यों से गिरी बुजुर्ग महिला
- मुजरिया क्षेत्र के गांव ज्योरा पारवाला से अपने नाती प्रतीक का आधार कार्ड बनवाने के लिए बुजुर्ग ब्रजेश देवी पत्नी ओमपाल भीड में शामिल थीं। वह नाती को लेकर दो- तीन सीढि़या ही चढ़ पाईं कि धक्का मुक्की में उनका पैर फिसल गया। प्रतीक को तो एक युवक ने रोक लिया, लेकिन ब्रजेश देवी लुढ़क गईं। उनके पैर में चोट आई है।
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आवेदकों की सुनो
दूसरी बार भी नहीं मिल पाया टोकन
- आधार कार्ड में उन्हें संशोधन कराना है। सुबह करीब आठ बजे डाकघर आ गए, लेकिन भीड़ अधिक होने की वजह से उन्हें टोकन नहीं मिल पाया। प्राइवेट सेंटर पर संशोधन तो आसानी से हो जाएगा, लेकिन जेब खाली करनी पड़ेगी।- ब्रजेंद्र, निवासी उझानी


बड़ी मुश्किल से बच्चों का आया नंबर
- मेरी दोनों नातिन का आधार कार्ड नहीं है। स्कूल से लेकर जरूरी अन्य काम अटके हैं। बिना आधार कार्ड के कुछ नहीं हो पाता है। नातिन वानी और नायरा के साथ दो घंटे तक लाइन में लगना पड़ा, तब कहीं जाकर नंबर आया।- नन्ही देवी, निवासी रौली

उझानी में आधार कार्ड के लिए डाकघर के सामने जुटे आवेदक। संवाद

उझानी में आधार कार्ड के लिए डाकघर के सामने जुटे आवेदक। संवाद

उझानी में आधार कार्ड के लिए डाकघर के सामने जुटे आवेदक। संवाद

उझानी में आधार कार्ड के लिए डाकघर के सामने जुटे आवेदक। संवाद

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