बदायूं। केंद्र सरकार ने बजट में 12 लाख रुपये तक की आय वालों को कर से छूट दी है। इससे मध्यमवर्गीय लोगों को खासी राहत मिली है। एक अनुमान के तहत जिले में 30 हजार से ज्यादा आयकर दाता हैं। इनमें से 70- 80 प्रतिशत 12 लाख रुपये के स्लैब में आते हैं। ऐसे में 20 हजार आयकर दाताओं को सीधे लाभ मिलेगा।
बजट में कर में छूट मिलने से लोगों को खासी राहत मिली है। जिले में करीब 30 हजार से ज्यादा आयकरदाता हैं। पहले यह छूट सात लाख रुपये थी। शनिवार को बजट में वित्तमंत्री ने 12 लाख रुपये तक की आय वाले लोगों को कर से छूट देने का एलान किया तो मध्यमवर्गीय लोगों को खासी राहत मिली।
चार्टर्ड अकाउंटेंट लवली सपरा बताती हैं कि 12 लाख रुपये तक की आय वालों को टैक्स से छूट में करीब 80 प्रतिशत आयकर दाताओं को लाभ मिलेगा। जिले में करीब 30 हजार से ज्यादा आयकर दाता हैं। इस हिसाब से करीब 20 हजार से ज्यादा आयकर दाता ऐसे होंगे जो पहले सात लाख से ज्यादा वाले स्लैब में आते थे, अब उन्हें फायदा मिलेगा।
चार्टर्ड अकाउंटेंट अश्विनी गोयल ने बताया कि जिले में अब तक करीब 20 से 25 हजार लोग ऐसे हैं जो सात लाख रुपये से ज्यादा आय पर इनकम टैक्स देते थे। अब छूट की सीमा बढ़कर 12 लाख रुपये होने पर इनमें खासी राहत मिली। इनमें सबसे ज्यादा राहत छोटे व्यापारियों को मिली है। तमाम ऐसे छोटे दुकानदार हैं जिनका सालाना टर्नओवर 10-12 लाख रुपये रहता है। अब तक ये लोग कर अदा करते हुए आ रहे थे। अब इन्हें 12 लाख रुपये तक की आय पर कर नहीं देना पड़ेगा।
दिन में टीवी पर देखते रहे लोग बजट
शनिवार को लोग सुबह से ही टीवी के सामने बैठ गए। जैसे ही बजट आना शुरू हुआ लोग एक-दूसरे को फोन करते रहे। दिन भर बजट को लेकर चर्चा होती रही। शहर में टीवी शोरूम से लेकर चाय की दुकानों तक पर बजट की चर्चा रही।
ब्याज पर टीडीएस एक लाख से ऊपर पर कटेगा
कर स्लैब को 7 लाख रुपये से बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दिया गया है, जिससे करदाताओं के हाथों में शुद्ध निपटान आय में वृद्धि हुई है। इससे समग्र रूप से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही किराए पर टीडीएस की सीमा 2.4 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख कर दी गई है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज पर टीडीएस 50 हजार रुपये से दोगुना कर एक लाख रुपये कर दी गई है। - यश अग्रवाल, चार्टर्ड अकाउंटेंट
जो इनकम टैक्स नहीं देते उन्हें भरनी होगी सिर्फ विवरणी
12 लाख रुपये तक की आय पर अब कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा। स्लैब रेट कम होने से बहुत बड़े वर्ग को लाभ होगा, जो इनकम टैक्स देते हैं उन्हें कम देना होगा, जो नहीं देते हैं वो भी आयकर की विवरणी भरने लगेंगे। -उपेंद्र कुमार, चार्टर्ड अकाउंटेंट
बजट काफी अच्छा रहा। खास तौर पर मध्यमवर्ग व छोटे कारोबारियों के लिए। 12 लाख रुपये तक आय वालों को छूट देकर सरकार ने करीब 70 प्रतिशत से ज्यादा आयकर दाताओं को लाभ पहुंचाया है। इससे छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी।- विरल रस्तोगी, सीए
दुकान पर बजट देखते लोग। संवाद
दुकान पर बजट देखते लोग। संवाद
दुकान पर बजट देखते लोग। संवाद
दुकान पर बजट देखते लोग। संवाद