जरीफनगर (बदायूं)। जरीफनगर थाना क्षेत्र के ग्राम दुर्गपुर में एक पालतू बैल ही किसान की जान का दुश्मन बन गया। उसने किसान को सींगों से पटक-पटककर मार डाला। ये देखकर ग्रामीणों ने जैसे-तैसे बैल को भगाया और किसान को स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान किसान ने दम तोड़ दिया। इसकी सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
ग्राम दुर्गपुर निवासी ऊदल (45) पुत्र मुलायम सिंह मंगलवार शाम अपनी बैलगाड़ी लेकर खेत पर गन्ना छीलने गए थे। परिवार वालों के मुताबिक उन्होंने दोनों बैल खेत में चरने के लिए छोड़ दिए थे। वह खुद गन्ना छीलने में लग गए। जब उन्होंने गन्ना छीलकर अगौला बना लिया तो बैल पकड़ने पहुंचे। उसी दौरान एक बैल बेकाबू हो गया। उसने किसान के ऊपर हमला बोल दिया और उन्हें सींगों पर उठाकर पटकना शुरू कर दिया। ये देखकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों के होश उड़ गए। वह लाठी-डंडे लेकर किसान को छुड़ाने के लिए दौड़ पड़े। बैल एक किसान के ऊपर भी सीधा हो गया। इसके बावजूद लोगों ने जैसे-तैसे बैल को भगाया और किसान को छुड़ा लिया लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
पड़ोसी खेत मालिकों की सूचना पर परिवार वाले मौके पर पहुंच गए। वह किसान को गंभीर हालत में दहगवां स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां देर रात उसकी मौत हो गई। इसकी सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। किसान की मौत से उसके परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
छुट्टा सांड़ के हमले में भी हो चुकी हैं कई मौतें
- पालतू बैल द्वारा किसान केे मारने की भले ही यह जिले में पहली घटना हो लेकिन छुट्टा सांड़ द्वारा लोगों को पटककर मारने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। जनवरी-19 में उसहैत थाना क्षेत्र के गांव मुगर्रा में सांड़ ने करीब 30 साल के रामलड़ैते को पटक पटककर मार डाला था। मार्च-19 में दातागंज क्षेत्र के गांव डहरपुर की एक महिला को सींग से पटककर मार डाला था। सितंबर-10 में उघैती थाना क्षेत्र के गांव हमूपुर निवासी रामसिंह की सांड़ के हमले से मौत हो गई थी। इसके अलाव गोशाला से भागे एक सांड़ ने बिल्सी में एक बालक पर हमला कर दिया था, जिसमें बालक की मौके पर ही मौत हो गई थी।