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गंगा एक्सप्रेसवे पर मॉक ड्रिल: एलपीजी टैंकर में गैस रिसाव से लगी आग, रेस्क्यू टीमों ने लोगों को बचाया

Wed, 08 Jul 2026 11:04 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

बदायूं में गंगा एक्सप्रेसवे पर बुधवार को मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रतीकात्मक रूप से किसी वाहन से एक एलपीजी टैंकर से आग लग गई। इस पर टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आग में फंसे लोगों का रेस्क्यू किया। 
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मॉक ड्रिल में अभ्यास करते कर्मचारी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बदायूं में गंगा एक्सप्रेसवे के ग्रुप-2 के तहत बिनावर टोल प्लाजा पर बुधवार को आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से एनडीआरएफ, अग्निशमन विभाग व अदाणी परियोजना टीम के संयुक्त तत्वावधान में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान हादसे के बाद त्वरित राहत बचाव कार्य के लिए अभ्यास किया गया। 

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मॉक ड्रिल का नेतृत्व एनडीआरएफ बटालियन के कमांडेंट रविंद्र सिंह असवाल, एनडीआरएफ इंस्पेक्टर चमन किशोर गुप्ता और फायर स्टेशन ऑफिसर शैलेंद्र सिंह ने किया। इस अवसर पर अदाणी परियोजना की ओर से प्रोजेक्ट मैनेजर अरविंद सिंह, सिक्योरिटी एवं इंसिडेंट मैनेजर बलजीत सिंह, सेफ्टी मैनेजर राजेश कुमार मौर्य सहित परियोजना के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

मॉक ड्रिल में एक एलपीजी टैंकर के दूसरे वाहन से टकराने के बाद गैस रिसाव शुरू होने और आग लगने जैसी घटना से निपटने के लिए अभ्यास किया गया। इसमें पांच लोगों के टैंकर के आसपास फंसे होने की स्थिति में बचाव कार्य किया गया। घटना की सूचना पर टीमों ने त्वरित कार्रवाई की। 

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गंगा एक्सप्रेसवे पर मॉक ड्रिल - फोटो : संवाद
लोगों का किया गया रेस्क्यू 
एनडीआरएफ की टीम ने आधुनिक सुरक्षा उपकरणों एवं तकनीकों की सहायता से गैस रिसाव को नियंत्रित किया। सभी फंसे हुए व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं अग्निशमन विभाग ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए आग एवं गैस रिसाव से उत्पन्न संभावित खतरे पर सफलतापूर्वक नियंत्रण किया।

इस संयुक्त मॉक ड्रिल का उद्देश्य विभिन्न आपदा प्रबंधन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा आपातकालीन परिस्थितियों में बचाव एवं राहत कार्यों की दक्षता का परीक्षण करना था। अभ्यास के बाद अधिकारियों ने पूरे अभियान की समीक्षा करते हुए भविष्य में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं मजबूत बनाने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए।
 
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