बदायूं। जिले की ग्राम पंचायत अलापुर भोला भज्जू में मनरेगा योजना के तहत बड़ा घोटाला सामने आया है। यहां अलापुर मुख्य मार्ग से ककराला लिंक मार्ग तक साइड पटरी बनाने का काम कागजों में दिखा दिया गया। करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर मिट्टी डालने और साइड पटरी बनाने के नाम पर 1.10 लाख रुपये खर्च दिखाए गए। जब जांच टीम मौके पर पहुंची तो पता चला कि कार्य केवल फाइलों और मस्टररोल तक ही सीमित रहा।
ब्लॉक म्याऊं की ग्राम पंचायत अलापुर भोला भज्जू का 23 अगस्त को खंड विकास अधिकारी म्याऊं मनीष वर्मा, तकनीकी सहायक मुनेंद्र पाल सिंह, प्रधान अमित कुमार की मौजूदगी में श्रम रोजगार उपायुक्त अखिलेश कुमार चौबे ने निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि अलापुर मुख्य मार्ग से ककराला लिंक मार्ग तक मिट्टी से संबंधित कोई कोई नहीं कराया गया है। बल्कि इस काम के बदले यहां पर 38 श्रमिकों के 437 मानव दिवस सृजित कर 1,10,124 रुपये का भुगतान कर लिया गया है। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि सचिव, प्रधान और तकनीकी सहायक की मिलीभगत से यह गड़बड़ी की गई है। अधिकारियों ने तीनों को दोषी मानते हुए करीब 36 हजार रुपये से अधिक की रिकवरी निकालने के निर्देश दिए हैं। संबंधित महिला मेठ की सेवा समाप्त कर दी गई है। वहीं, सचिव, प्रधान और तकनीकी सहायक पर 36708 -36708 रुपये की वसूली के निर्देश दिए हैं। श्रम रोजगार उपायुक्त ने निर्देश दिए है कि वसूली करते हुए खंड विकास अधिकारी म्याऊं मनरेगा के खातों में तीन दिन के अंदर धनराशि जमा कराए।
वर्जन-
- अलापुर मुख्य मार्ग से ककराला लिंक मार्ग पर मिट्टी से संंबंधित काम नहीं हुआ है। फिर भी धनराशि निकाल ली गई है। इस पर रिकवरी निकाली गई। - अखिलेश कुमार चौबे, उपायुक्त श्रम रोजगार