बदायूं। बढ़ती ईंधन खपत, प्रदूषण और सरकारी खर्चों पर नियंत्रण को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार की पहल अब जिले में भी असर दिखाने लगी है। जिले में सरकारी वाहनों के उपयोग को सीमित करने, बड़े वाहन काफिलों पर रोक लगाने और प्रशासनिक कार्यों में सादगी लाने की कवायद तेज कर दी गई है।
जिला प्रशासन ने इस संबंध में बुधवार को सभी विभागों को प्रारंभिक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा गया है कि वे अनावश्यक वाहनों का प्रयोग कम करें, साझा वाहन व्यवस्था अपनाएं और कार्यालयों में ऊर्जा बचत के उपायों को प्राथमिकता दें। इसके साथ ही सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
आने वाले समय में सरकारी कार्यक्रमों और बैठकों में वाहनों की संख्या सीमित की जाएगी। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि एक ही कार्यक्रम में कई गाड़ियों के बजाय सीमित वाहनों का उपयोग करें। इसके अलावा छोटी बैठकों को ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करने पर भी जोर रहेगा, ताकि अनावश्यक यात्रा और समय की बर्बादी रोकी जा सके। जिले में यह व्यवस्था केवल अधिकारियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों से भी सहयोग की अपेक्षा की गई है। प्रशासन का मानना है कि यदि जनप्रतिनिधि स्वयं अपने काफिलों को सीमित करेंगे तो आम लोगों में भी सकारात्मक संदेश जाएगा।
सरकारी कार्यालयों में बदलेगी कार्यशैली
सूत्रों के अनुसार, कई विभागों में डिजिटल कार्य प्रणाली को बढ़ावा देने की तैयारी शुरू हो गई है। कर्मचारियों को ई-ऑफिस प्रणाली के अधिक उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इससे फाइलों के निस्तारण में तेजी आने के साथ-साथ कार्यालयों में भीड़ और अनावश्यक आवागमन कम होगा। इसके अलावा अधिकारियों से कहा गया है कि वे विभागीय वाहनों का उपयोग केवल आवश्यक कार्यों में करें।
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शासन की मंशा के अनुरूप जिले में ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सभी विभागों को सरकारी संसाधनों का जरूरत के अनुसार उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। डिजिटल कार्य प्रणाली और ऑनलाइन बैठकों को बढ़ावा देकर समय और खर्च दोनों की बचत की जाएगी।
अवनीश राय, डीएम
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प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का संदेश केवल सरकारी तंत्र के लिए नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए हैं। ईंधन बचाना और प्रदूषण कम करना आज की सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है। यदि जनप्रतिनिधि और अधिकारी स्वयं सादगी अपनाएंगे तो आम जनता भी प्रेरित होगी।
- महेशचंद्र गुप्ता, सदर विधायक
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अनावश्यक वाहन काफिलों और दिखावे की संस्कृति को खत्म करने की जरूरत है। सीमित संसाधनों का बेहतर उपयोग करना समय की मांग है। पीएम व सीएम की अपील पर पूरा अमल किया जा रहा है। सरकारी स्तर पर शुरू हो रही यह पहल भविष्य में बड़ा बदलाव ला सकती है।
- हरीश शाक्य, विधायक बिल्सी
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सरकार की यह पहल ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में सराहनीय कदम है। पीएम व सीएम का यह सराहनीय कदम है। यदि अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि मिलकर इस व्यवस्था को अपनाएं तो जिले में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। मैं खुद सिर्फ एक ही वाहन से चलूंगा।
राजीव कुमार सिंह, विधायक दातागंज
विधायक- राजीव कुमार सिंह
विधायक- राजीव कुमार सिंह
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