बदायूं। जिला पंचायत के वार्ड नंबर 41 की लापता निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य अरुणा कुमारी और उनके देवर ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी कर भाजपा पर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वह सुरक्षित हैं, अपनी रिश्तेदारी में हैं। उनका अपहरण नहीं हुआ है बल्कि उनके पति का ही अपहरण किया गया है।
दरअसल, 29 जून को अरुणा कुमारी के पति अनिल यादव की तहरीर पर उसावां पुलिस ने सपा जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी सुनीता शाक्य, उनके पति पूर्व विधायक सिनोद शाक्य और चार-पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ अरुणा कुमारी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की थी। शुक्रवार को एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में अरुणा कुमारी और उनके देवर प्रदीप यादव भाजपा पर आरोप लगा रहे हैं। प्रदीप यादव का कहना है कि 26 जून की शाम बरेली रोड पर उनकी कार को भाजपा के झंडे लगी चार-पांच गाड़ियों ने घेर लिया था। इसके बाद उनके भाई अनिल यादव को अगवा कर ले गए थे। इस बारे में एसएसपी को प्रार्थना पत्र भी दिया लेकिन रिपोर्ट नहीं की गई। वीडियो में अरुणा कुमारी कह रही हैं कि वह अपनी रिश्तेदारी में हैं और पूरी तरह से सुरक्षित हैं। उनकी पकड़ (अपहरण) नहीं हुई है बल्कि उनके पति की पकड़ हुई है। यह वीडियो सामने आने के बाद सियासी अटकले और तेज हो गई हैं।
पूर्व सांसद धर्मेंद्र ने भी उठाया मुद्दा
- पत्रकारों से वार्ता में सपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी अरुणा कुमारी का मुद्दा उठाया। कहा कि सपा प्रत्याशी के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट लिखा दी गई। अब अरुणा भाजपा पर ही आरोप लगा रही हैं। हमें तो लगता है कि उनके पति अनिल का अपहरण किया गया है। अनिल का भाई 26 जून से भाई को अगवा करने की तहरीर लिए घूम रहा है पर किसी ने बात नहीं सुनी।
लापता जिला पंचायत सदस्य का वीडियो हमारी भी जानकारी में आया है। इसकी पड़ताल की जा रही है। संबंधित वीडियो में कितनी सच्चाई है, उसे विवेचना में शामिल किया जाएगा। मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। - प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी