आरोपी लिपिकों ने अपने स्पष्टीकरण में दिया जवाब
डीआरडीए से सात फाइल गायब होने का मामला
जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) दफ्तर से गायब चल रहीं सात फाइलों के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। गायब फाइलें न मिलने पर पीडी ने आरोपी लिपिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने से संबंधित नोटिस दिया था। नोटिस के जवाब में लिपिकों ने स्पष्ट कर दिया कि वे फाइलें उन लोगों ने पूर्व पीडी को दी थीं, उन फाइलों को गायब की श्रेणी में न रखा जाए।
डीआरडीए के लिपिक राजीव गुप्ता पर एक, अनिल गुप्ता और राजीव भारतीय पर फाइल गायब करने का आरोप है। इसके चलते लिपिकों के खिलाफ एफआईआर का नोटिस दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक लिपिकों ने स्पष्ट कर दिया कि विभागीय कर्मचारी होने के नाते उन लोगों ने पूर्व पीडी के फाइल मांगने पर दी थीं। उन्होंने ही फाइलों को वापस नहीं किया है। कहा कि वे लोग अपने अधिकारी को फाइल देने से पहले उन्हें रिसीविंग देने की मांग नहीं करते हैं। साथ ही उन फाइलों को गायब होने की श्रेणी में न रखने की बात भी कही।
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फाइल गायब होने के मामले में लिपिकों को जो नोटिस दिया गया था, उन लोगों ने उसका स्पष्टीकरण दे दिया है। इसकी फाइल तैयार की जा रही है। जांच पूरी होते ही आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होगी।
-रवींद्र सिंह, परियोजना निदेशक, डीआरडीए