भाजपा विधायक हरीश शाक्य व उनके भाई समेत 16 लोगों पर मुकदमे के आदेश के बाद सांसद आदित्य यादव व सपा ने ट्वीट कर राजनीति गर्मा दी है। सांसद आदित्य यादव ने अपने ट्वीट में लिखा, 'बदायूं के बलात्कारी विधायक व उनके परिजन बेटियों का गैंगरेप करते हैं, जमीन कब्जाते हैं। कोर्ट ने एफआईआर और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, लेकिन अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। क्या बाबा जी अपने बलात्कारी विधायक के मकान पर भी बुलडोजर चलवाएंगे।'
इसके अलावा समाजवादी पार्टी ने भी ट्वीट कर भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश की है। सांसद आदित्य यादव ने लिखा, 'सीएम योगी के विधायक और उनके परिजन बहन बेटियों का सामूहिक दुष्कर्म करते हैं और जमीनें कब्जाते हैं। सीएम योगी ऐसे अपने खासमखास लोगों को सत्ता की ताकत से बचाते हैं।'
ट्वीट में सपा ने मुख्यमंत्री से पूछा है कि 'वह बताएं कि अन्य किसी व्यक्ति पर तो तुरंत फर्जी मुकदमा भी दर्ज हो जाता है और त्वरित कार्रवाई भी होती है, लेकिन भाजपाई बलात्कारी, भूमाफिया को सीएम योगी का स्पेशल संरक्षण क्यो हैं। सपा व सांसद आदित्य यादव के ट्वीट के बाद यह साफ हो गया कि विधायक हरीश शाक्य के मुद्दे को लेकर सपा मुखर है। वह इस मुद्दे को सदन में भी उठा सकती है।'
बिल्सी विधायक हरीश शाक्य ने शनिवार को एक पत्र जारी कर कहा कि उन पर लगाए सारे आरोप बेबुनियाद हैं। आरोप लगाने वाले युवक के पिता ने 2022 में बरेली की फर्म माधव इन्फ्रा डवेलपर्स को जमीन का एग्रीमेंट किया था। जिसके उन्होंने रुपये लेकर रजिस्ट्री कार्यालय में 2024 तक 60 बैनामे किए। रुपये को लेकर फर्म से विवाद होने पर अधिकारियों से शिकायत की गई।
23 सितंबर व 9 नवंबर को डीजीपी व एडीजी को शिकायती पत्र दिए गए। आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की गई। उसमें दुष्कर्म की घटना का कोई जिक्र नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके परिजन ने विधिवत रुपये देकर प्लॉट खरीदे हैं। उनकी राजनैतिक छवि खराब करने के लिए यह साजिश रची गई है।