उझानी (बदायूं)। कछला समेत गंगा किनारे के आसपास इलाके में बालू के अवैध खनन को लेकर मंगलवार तड़के खनन अफसर अचानक सक्रिय नजर आए। अफसरों की सक्रियता की वजह हालांकि उसहैत क्षेत्र में खनन का प्वाइंट बन जाने के बाद सामने आई है लेकिन ठेकेदार ने जब अफसरों पर प्रेशर बनाया तो धंधेबाजों की धरपकड़ शुरू कर दी गई। कछला से बालू लोड करके मार्केट को निकले 11 डनलप-बुग्गियों की घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। डनलप-बुग्गियों के बैल उनके मालिकों की सुपुर्दगी में दे दिए गए। डनलप-बुग्गियों को सीज कर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
खनन निरीक्षक नरेंद्र कुमार सिंह की अगुवाई में पुलिस ने धंधेबाजों के खिलाफ कार्रवाई तड़के करीब पांच बजे शुरू की। कछला से बालू लोड करके निकले डनलप-बुग्गियों में 11 को बरेली-मथुरा हाईवे पर दबोच लिया गया। डनलप-बुग्गियों की संख्या अधिक थी लेकिन कुछेक धंधेबाज कार्रवाई के दौरान ही चकमा देकर दूसरे रास्ते से गांवों की ओर खिसक गए। खनन निरीक्षक ने बताया कि कछला में अवैध खनन की पिछले कई दिनों से शिकायतें मिल रही थीं। पिछले महीना पुलिस और खनन विभाग की टीम ने पांच-ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को भी पकड़ा था। कछला में बालू खनन का फिलहाल प्वाइंट नहीं है। तीन दिन पहले ही उसहैत क्षेत्र में बालू खनन का प्वाइंट बना तो ठेकेदार को लगा कि कछला में ऐसे ही अवैध खनन होते रहने से बालू की लोडिंग प्रभावित होगी। सूत्रों की मानें तो इसी के चलते ठेकेदार ने खनन अफसरों पर प्रेशर बनाना शुरू कर दिया था। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार चाहर ने बताया कि बैल उनके मालिकों की सुपुर्दगी में दे दिए गए हैं। बता दें कि डनलप-बुग्गियों से बालू मार्केट में पहुंचाने के लिए काफी समय से खेल चल रहा था।
कादरचौक क्षेत्र में अवैध खनन के कई प्वाइंट
कादरचौक। कछला के अलावा अगर कहीं और सबसे ज्यादा बालू खनन होता है तो वह कादरचौक क्षेत्र है। इलाके के गांव रैसीनगला और तेलियानगला के अलावा भूड़ा-भदरौल के आसपास से तो डनलप-बुग्गियों के अलावा ट्रैक्टर-ट्रॉलियां भी रोजाना शहर-कसबों की ओर निकलती हैं। धंधेबाजों को पुलिस और विभागीय अफसरों का भी संरक्षण प्राप्त रहता है। उझानी क्षेत्र में जब भी बालू लदी ट्रॉलियां पकड़ी गईं, पुलिस के हाथ मालिकों तक नहीं पहुंच पाए थे। उझानी क्षेत्र के गांव पिपरौल, खजुरारा, चंदनपुर और सरौता के आसपास गंगा किनारे रात में वाहनों में बालू लोड होती रही है।