बदायूं। जिला अस्पताल में अब मानसिक रोगियों की काउंसलिंग के साथ उनका इलाज भी हो सकेगा। अब तक अस्पताल में यह व्यवस्था नहीं थी। जिले में कोई निजी मानसिक रोग विशेषज्ञ नहीं होने से लोगों को बरेली की दौड़ लगानी होती थी। अब जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. राजेश वर्मा अस्पताल आने वाले मानसिक रोगियों की न सिर्फ काउंसलिंग बल्कि इलाज भी करेंगे।
विश्व स्वास्थ्य संगठन और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार भारत में करीब 20 प्रतिशत लोग किसी न किसी तरह से मानसिक रोगों का शिकार हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार भारत में 1000 लोगों में 58 मानसिक रोगी हैं। गांवों में यह आंकड़ा 1000 पर 49 और शहर में 81 है। हालात की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को सुधार के निर्देश दिए थे। ऐसे में सरकार ने सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों को मानसिक विधा में प्रशिक्षण देने का आदेश जारी किया था। जिला अस्पताल से फिजिशियन डॉ. राजेेेश वर्मा को एक महीने के प्रशिक्षण के लिए मानसिक रोग चिकित्सालय बरेली भेजा गया। डॉ. वर्मा मानसिक रोग विधा में प्रशिक्षण लेकर वापस आ गए हैं। सीएमएस डॉ. बीबी पुष्कर ने डॉ. वर्मा को फिजीशियन के साथ मानसिक रोगियों के इलाज की भी जिम्मेदारी दी है। जिला अस्पताल की ओपीडी के कमरा नंबर सात में मानसिक रोगियों का भी इलाज किया जाएगा।
मानसिक रोग के लक्षण किसी में भी हो सकते हैं। इसके प्रमुख लक्षण तनाव, अवसाद, चिड़चिड़ापन, अत्यधिक गुस्सा, लगातार सिरदर्द रहना, नींद न आना, रोने का मन करना, दौड़े पड़ना, किसी स्थिति या परिस्थिति में घबराहट-बेचैनी होना, बड़ी बड़ी लंबी चौड़ी बातें (गप्प) करना, याददाश्त कम होना, मंद बुद्धि होना, किसी कार्य को करने से खुद को रोक ना पाना और किसी कार्य को बार बार करना, अपने मनचाहे काम में मन ना लगना, विषम परिस्थितियों से उबर ना पाना, दुखी रहना, अत्यधिक शक करना, अत्यधिक डर लगना, तरह तरह की आवाजें सुनाई देना आदि। अगर किसी को इस तरह के कोई लक्षण है तो उनको परामर्श के साथ काउंसलिंग लेने की जरूरत है। - डॉ. राजेश वर्मा, फिजिशियन/ मानसिक रोग चिकित्सक, जिला अस्पताल