मेला ककोड़ा: श्रद्धा, संस्कृति का होगा संगम
रुहेलखंड के विख्यात ककोड़ा मेला को भव्यता प्रदान की जा रही है। मुख्य द्वार बनकर तैयार होने की स्थिति में आ चुका है। जल्द ही श्रद्धा, संस्कृति का संगम नजर आना भी शुरू हो जाएगा। ब्रज के कलाकार मेले में मनमोहक प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। राधा-कृष्ण की रास लीला भी लोगों को आकर्षिक करेगी। जादूगर, कठपुतली के खेल भी रिझाने के लिए मेले में छाए रहेंगे। इसकी तैयारियां की जा चुकी हैं।
ध्वज स्थापना के बाद श्रद्धालुओं का रेला मेला स्थल पर उमड़ाना शुरू हो गया है। तंबु लगाकर रहना भी शुरू कर दिया गया है। रात को दूधिया रोशनी में लोग गंगा किनारे का आनंद भी ले रहे हैं। दुकानों पर व्यंजन का आनंद भी ले रहे हैं। लोगों में भरपूर उत्साह का संचार है। आने वाले श्रद्धालुओं का भी ध्यान रखने के लिए लगातार इंतजाम को किया जा रहा है। झूले भी बृहस्पतिवार तक लगकर तैयार हो जाएंगे। सर्कस व मौत का कुआं तैयार हो चुका है।
सड़कों में नहीं हो पाया सुधार
कादरचौक। अभी तक मार्ग बनकर तैयार नहीं हो सका है। वहीं पानी का छिड़काव भी नहीं किया जा रहा है। वहीं लोगों की बढ़ती भीड़ के कारण आगे होना भी दिक्कतभरा होने के आसार हैं। वहीं अधिकारियों का कहना है कि रोड बनकर तैयार है। उद्घाटन से पूर्व व्यवस्था दुरुस्त करा दी जाएगी।
एएमए का स्थानांतरण, अशोक आए
कादरचौक। प्रक्रिया के तहत शासन ने एएमए हरिनाम सिंह का कानपुर स्थानांतरण कर दिया गया है। इनकी जगह कानपुर से आए अशोक कुमार यादव ने चार्ज ग्रहण किया है। बातचीत में उन्होंने बताया कि अधूरी व्यवस्थाओं को तत्काल पूर्ण कराए जाना उनकी प्राथमिकता में शामिल होगा। बताया कि रात दिन लगकर व्यवस्थाएं मुकम्मल कराई जाएगी। उन्होंने मेला स्थल भी देखा।
49 विकास प्रदर्शनी लगाई जाएगी
बदायूं। मेले में इस बार विभिन्न विभागों की करीब 49 प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें सरकारी योजनाओं के बारे में बताया जाएगा। वहीं शिक्षा विभाग की ओर से भी प्रदर्शनी लगाई जाएगी। तैयारियां की जा रही हैं। जबकि मेले में मिठाई की दुकानें भी लग गई है।