अपर जिलाधकारी प्रशासन और एसपी सिटी ने स्नानार्थियों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष पुष्पा देवी लौनिया चौहान और अधीनस्थों से वार्ता की। घाटों पर गहराई वाले स्थानों पर लाल झंडियां लगवाने के निर्देश भी दिए गए। महिलाओं के स्नान को अस्थायी शेड की संख्या में भी वृद्धि की जाएगी। प्राइवेट नावों को लगाकर उन पर पुलिस कर्मियों के साथ प्राइवेट गोताखोर स्नानार्थियों पर नजर रखेंगे। स्नानार्थियों को डूबने से बचाने के लिए व्यापक इंतजाम किए जाएंगे। घाटों पर निरीक्षण के दौरान एसपी सिटी ने कोतवाल गोपीचंद्र यादव से कहा कि सोमवती अमावस्या वाले दिन अतिरिक्त फोर्स भी घाट पर तैनात किया जाए। किसी भी स्थिति पुल और उसके आसपास इलाके में जाम नहीं लगने दिया जाए। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों में नगर पंचायत अध्यक्ष के पति जगदीश सिंह समेत घाट पर मौजूद लोगों से भी बेहतर व्यवस्थाओं के बारे में सुझाव लेकर अधीनस्थों को उन पर अमल करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान नगर पंचायत कर्मियों के साथ राजस्व कर्मी भी मौजूद थे।
पिछली बार सोमवती पर गई थी आठ श्रद्धालुओं ने जान
उझानी। पिछली बार सोमवती अमावस्या पर कछला गंगाघाट पर एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई थी लेकिन जल स्तर अधिक और अव्यवस्थाओं की वजह से राजस्थान में धौलुपर, दौसा और भरतपुर समेत हाथरस और मथुरा के आठ स्नानार्थियों को जान से हाथ धोना पड़ गया था। सोमवती पर गायब धौलपुर निवासी मासूम रौनक शर्मा का तो अभी तक सुराग भी नहीं लग पाया है।