छात्राओं के अंदर हो रहे शैक्षिक विकास को जानने के लिए आई यूनिसेफ की टीम के सदस्यों ने सोमवार को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय तथा परिषदीय स्कूलों को देखा। उन्होंने परखा की आखिर विद्यार्थियों पर रेडियो पर सुनी कहानियों का कितना प्रभाव हुआ है और इसका वास्तविकता में अनुसरण किया भी जा रहा है या नहीं। इसके अलावा छात्र-छात्राओं को दिया जा रहे मध्याह्न भोजन की पौष्टिकता भी देखा।
यूनिसेफ की आई टीम ने सोमवार को सबसे पहलेे सालारपुर मोंगर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका स्कूल को देखा। यहां छात्राओं से बात भी कीं। इसके अलावा जूनियर स्कूल हुसैनपुर में भी बच्चों के वार्ता करने के साथ निरीक्षण किया। जिला समन्वययक बालिका शिक्षा सीमा चौहान ने बताया कि टीम के चार सदस्यीय टीम ने मुख्यत: मीना मंच और छात्राओं पर इसका क्या साकारात्मक प्रभाव हुआ है, इसका और आदि व्यवस्थाओं को देखा। बताया कि टीम के सदस्य मंगलवार को भी स्कूलों में जाकर स्थिति का जायजा लेंगे।