बलात्कार पीड़िता 12 साल की बालिका का दूसरे दिन भी मेडिकल नहीं हो सका। उसे जिला महिला अस्पताल के पीड़िता वार्ड में रखा गया है। इधर, तीनों नाबालिग आरोपियों की उम्र की तस्दीक भी लटक गई है। हालांकि पुलिस ने तीनों के विद्यालय तलाश कर लिए हैं। विद्यालयों से उनके शैक्षिक प्रमाण पत्रों के रिकार्ड मांगे गए हैं।
उघैती थाने के एक गांव में शुक्रवार को गांव के ही तीन किशोर 12 साल की बालिका को खींचकर घर में ले गए थे। तीनों पर उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। शनिवार को बालिका के पिता की तहरीर पर पुलिस ने गैंगरेप समेत उठाकर ले जाना और बंधक बनाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। तीनों आरोपियों की उम्र 16, 15 और 14 साल बताई जा रही है। आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने बालिका को मेडिकल के लिए भेज दिया था। शनिवार को महिला डॉक्टर न होने और रविवार को अवकाश होने की वजह से बालिका का मेडिकल नहीं हो सका है।
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बालिका की मेडिकल प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो सकी है। आरोपियों के स्कूल तलाश कर लिए गए हैं। वहां से उनके शैक्षिक प्रमाण पत्र मांगे गए हैं। सोमवार को आरोपियों की उम्र की तस्दीक के साथ बालिका का मेडिकल भी हो जाने की उम्मीद है।
-वहीद खान, एसओ उघैती
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मेडिकल कार्रवाई लटकने से
सबूत प्रभावित होने की आशंका
बदायूं। जानकारों की मानें तो रेप के मामले में पीड़िता का मेडिकल न होने से सबूत मिटने की आशंका रहती है। जिले में बलात्कार के ज्यादातर मामलों में मेडिकल में देरी हुई है। यह देरी कभी पुलिस तो कभी जिला महिला और जिला अस्पताल की लापरवाही से होती रही। उघैती के एक गांव में 12 साल की बालिका से रेप के मामले में भी यही हो रहा है। बालिका के साथ शुक्रवार को गैंगरेप हुआ था। शनिवार को रिपोर्ट दर्ज हुई। घटना के दो दिन बाद भी उसका मेडिकल लटका हुआ है। अस्पताल में शनिवार को महिला डॉक्टर न होना बताया गया। रविवार को अवकाश होने की बात कही गई। ऐसे में दो दिन से पीड़िता बालिका पुलिस अभिरक्षा में वार्ड में है। विशेष परिस्थितियों में भी अस्पताल स्टाफ का ऐसा ही रवैया रहता है।