बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर संविदा कर्मचारी वेतन न मिलने पर आक्रोशित हो गए। मंगलवार सुबह उन्होंने प्रदर्शन करते हुए धरना शुरू किया। लेकिन करीब आधे घंटे बाद प्राचार्य की फटकार पर धरना समाप्त कर दिया। कर्मचारियों का आरोप है कि आठ माह से लगातार उन्हें टहलाया जा रहा है। कई बार वेतन देने की मांग कर चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें वेतन नहीं दिया जा रहा है। इससे परिवार पालना मुश्किल हो गया है।
धरना प्रदर्शन मंगलवार सुबह करीब 11 बजे शुरू हुआ। मेडिकल कॉलेज के सभी संविदा कर्मचारी काम छोड़कर ओपीडी के सामने आ गए। उन्होंने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। करीब आधे घंटे तक प्रदर्शन चलता रहा। तब तक कॉलेज में रजिस्ट्रेेशन कराने वाले मरीजों की लंबी लाइन लग गई। ओपीडी से लेकर किसी वार्ड में कोई कर्मचारी न होने पर मरीज बेहद परेशान हो गए। कुछ तीमारदार प्रदर्शन स्थल पर पहुंच गए। उन्होंने कर्मचारियों से ही नोकझोक शुरू कर दी। हंगामे के कुछ देर बाद प्राचार्य डॉ. आरपी सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने संविदा कर्मचारियों को समझाया कि कोरोना की महामारी फैली है। ऐसे में धरना प्रदर्शन करना सही नहीं है। प्राचार्य ने सख्त लहजे में कहा कि जो कर्मचारी धरने पर बैठे हैं, उन्हें कॉलेज से निकाल दिया जाएगा और उनके स्थान पर दूसरे कर्मचारियों को भर्ती किया जाएगा। ऐसे में नौकरी जाने के डर से कर्मचारी बैकफुट पर आ गए और अपने-अपने काम पर लौट गए।
किसी ने कर्मचारियों को गलत जानकारी दी है कि पैसा नहीं आया है। पैसा आ गया है। उनके बिल लगा दिए गए हैं। ट्रेजरी में एडीओ के पास जमा है। मैंने जाकर कर्मचारियों को बताया कि जो कर्मचारी सत्यापन करना चाहें तो ट्रेजरी चले जाएं। इस पर वे मान गए हैं। उनके खाते में जल्द पैसा ट्रांसफर किया जाएगा। - डॉ. आरपी सिंह, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज