राजकीय मेडिकल कॉलेज की मान्यता पर स्थिति इसी महीने साफ हो सकती है। हाल ही में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम मेडिकल कॉलेज का दौरा कर यहां फैकल्टी का निरीक्षण कर चुकी है। प्रदेश सरकार भी चाहती है कि मेडिकल कॉलेज को विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले मान्यता मिल जाए।
सांसद धर्मेंद्र यादव के प्रयासों से बदायूं में 512 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो रही है। करीब 80 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। बजट का सिर्फ करीब 17.18 करोड़ रुपया ही मिलना बाकी रह गया है। उपकरणों की खरीद के लिए भी शासन ने 20 करोड़ रुपये की स्वीकृति दे दी है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी अक्तूबर 2015 में ही चालू हो चुकी है। मेडिकल कॉलेज को फिलहाल एमसीआई से मान्यता मिलनी बाकी है। फैकल्टी पूरी करने के लिए जिला और जिला महिला अस्पताल को भी मेडिकल कॉलेज से संबद्व कर दिया गया है। मेडिकल कॉलेज की मान्यता के संबंध में एमसीआई की टीम ने हाल ही में दौरा किया है। सूत्रों की मानें तो इसी महीने मान्यता पर स्थिति साफ हो सकती है। अगर मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिल जाती है तो यहां कक्षाएं भी जुलाई 2017 से चालू हो जाएंगी।
एमसीआई की टीम मेडिकल कॉलेज का दौरा कर चुकी है। उम्मीद है कि जल्द मान्यता पर स्थिति साफ हो जाएगी। शासन स्तर से जो भी दिशा निर्देश मिलते हैं। उनके अनुसार काम किया जाएगा।-नरेंद्र कुमार, सीएमओ