बदायूं। एक ओर जहां सरकारी अस्पतालों के लिए मांग के अनुरूप दवाएं नहीं मिल पा रही हैं, वहीं दूसरी ओर मेडिकल कॉलेज के लिए खपत से ज्यादा एंटीबायोटिक इंजेक्शन की सप्लाई दे दी गई। जब इन इंजेक्शन के खराब होने का खतरा पैदा होने लगा तो मेडिकल कॉलेज ने तीन प्रकार के इंजेक्शन की खेप जिला अस्पताल को दे दी। मेडिकल कॉलेज के इंजेक्शन अब जिला अस्पताल में इस्तेमाल किए जाएंगे।
सरकारी अस्पतालों को दवाओं की सप्लाई यूपी मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन करता है। अस्पतालों में कई तरह की दवाओं की किल्लत बनी रहती है। बार-बार डिमांड के बाद भी मांग के अनुरूप दवाएं नहीं मिल पातीं। करीब दो महीने से एंटी रैबीज वैक्सीन की किल्लत बनी हुई है। मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन ने राजकीय मेडिकल कॉलेज को तीन प्रकार के एंटीबायोटिक इंजेक्शन की सप्लाई दी थी। इन इंजेक्शन की एक्सपायरी जुलाई 2021 में है। मेडिकल कॉलेज को जिस हिसाब से इंजेक्शन भेजे गए थे उसके हिसाब से यहां इंजेक्शन की खपत नहीं हो रही। इसके अलावा कोरोना काल में मेडिकल कॉलेज में ओपीडी और अन्य चिकित्सा सेवाएं करीब तीन महीने तक बंदी रहीं थीं।
चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं बंद रहने के कारण यहां दवाओं और इंजेक्शन आदि की खपत नहीं हो सकी। अब जनवरी खत्म होने को है। मेडिकल कॉलेज में तीन प्रकार के एंटीबायोटिक इंजेक्शन ऐसे हैं जिनकी एक्सपायरी डेट जुलाई 2021 में आ जाएगी। इधर, जिला अस्पताल में जो इंजेक्शन हैं उनकी एक्सपायरी में अभी वक्त बाकी है। ऐसे में राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जिला अस्पताल को पत्र लिखकर इंजेक्शन के एक्सपायर होने से पहले इनकी खपत के लिए कहा था। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की मांग पर तीन प्रकार के इंजेक्शन की खेप जिला अस्पताल पहुंच गई है।
यूपीएमएससी से समय पर नहीं मिलतीं दवाएं
सरकारी अस्पतालों में दवाओं की सप्लाई यूपीएमएससी करता है। बार-बार डिमांड भेजे जाने के बाद भी समय से यूपीएमएससी सरकारी अस्पतालों को दवाओं की सप्लाई मांग के अनुरूप नहीं कर पाता। करीब तीन महीने पहले जिला अस्पताल ने दो हजार एआरवी की मांग की थी, लेकिन सिर्फ दो सौ वॉयल दीं गईं। इसके अलावा आयरन टेबलेट, सिरप आदि की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता के बाद भी दवाइयां भेज दीं जाती हैं। सीएमएस डॉ. विजय बहादुर राम का कहना है कि समय से पर्याप्त दवाओं की सप्लाई मिलती रहे इसके लिए उच्च स्तर पर लिखापढ़ी की जा रही है।
मेडिकल कॉलेज में एंटीबायोटिक इंजेक्शन अतिरिक्त थे। कॉलेज प्रशासन ने एक्सपायरी डेट नजदीक होने का हवाला देते हुए इन इंजेक्शन के इस्तेमाल के लिए कहा था। इसके बाद मेडिकल कॉलेज से तीन प्रकार के एंटीबायोटिक इंजेक्शन मंगा लिए गए हैं। इनका इस्तेमाल जिला अस्पताल में किया जा रहा है।
- डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस