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रोजेदारों को मीट की नहीं हो पा रही होम डिलीवरी

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बदायूं। रमजान के मद्देनजर प्रशासन ने शहर के कुछ मीट विक्रेताओं को पैक्ड मीट की होम डिलीवरी के लिए अधिकृत किया था, लेकिन लोगों को मीट की डिलीवरी नहीं हो पा रही है। लोगों का कहना है कि होम डिलीवरी के लिए कहने पर विक्रेताओं द्वारा दुकान में आकर मीट लेने को कहा जाता है। ऐसे में सामाजिक दूरी का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। साथ ही दाम भी अधिक वसूले जा रहे हैं। इसके अलावा मीट भी ताजा है या नहीं इस पर भी संशय बना हुआ है।
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कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने रमजान में पैक्ड मीट के वितरण कराए जाने का निर्णय लिया था। साथ ही कुछ लोगों को इसकी अनुमति प्रदान की है। लेकिन लोगों का कहना है कि विक्रेता प्रशासन के तय किए गए मानकों के विपरीत काम कर रहे हैं। उनके द्वारा न तो होम डिलीवरी की जा रही है, और न ही प्रशासन के रेट पर मीट की बिक्री कर रहे हैं। एक-दो निश्चित स्थानों पर बैठकर मीट बेच रहे हैं। ऐसे में ज्यादातर लोग इस सप्लाई से वंचित हैं।
यह है नियम
-मास्क, ग्लब्स, कै प का प्रयोग करेंगे
-सैनिटाइजर का उपयोग करते रहेंगे
-पैक्ड मीट को आइस बॉक्स में रखकर ही सप्लाई करेंगे
-सामाजिक दूरी का पालन किया जाएगा
-प्रति दिन क्रय-विक्रय का रजिस्टर बनाएंगे
-निर्धारित दर पर ही पैक्ड मीट की बिक्री की जाएगी
-पैक्ड मीट की केवल होम डिलिवरी होगी
बोले रोजेदार
जिला प्रशासन की तरफ से डोर टू डोर मीट पहुंचने के निर्देश दिए थे, लेकिन विक्रेताओं की तरफ से एक जगह पर बैठकर मीट की बिक्री की जा रही हैं। ऐसे में जो लोग पहुंच रहे हैं, केवल उन्हें ही मीट मिल पाता है। बाकी लोग वंचित रह जाते हैं। - इजहार अली, चक्कर की सड़क
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प्रशासन ने मीट के रेट 240 रुपये प्रति किलो रखे है, लेकिन 270 से लेकर 300 रुपये तक में मीट की बिक्री की जा रही है। साथ ही सभी लोगों को मीट मुहैया नहीं कराया जा रहा है। केवल एक-दो जगहों पर पहुंचकर मीट बेचा जा रहा है। - हसन मियां, कबूलपुरा
अभी तक इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई है। फिर भी इसकी चेकिंग कराई जाएगी। नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - चंद्रशेखर मिश्रा, अभिहित अधिकारी
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