तहसील दिवस के मौके पर गांव लक्ष्मीपुर के तमाम लोगों ने तहसील पर प्रदर्शन कर गांव में सात मीट की दुकानों को लाइसेंस दिए जाने का विरोध किया। लाइसेंस देने वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। कहा कि गांव में स्लेटर हाउस को भी उसी अधिकारी ने अनुमति दी, जिसने इन दुकानों को अनुमति प्रदान की है। एक छोटे गांव में सात मीट की दुकानों को एक साथ लाइसेंस दिया जाना संबंधित अधिकारी द्वारा आर्थिक लाभ ही कारण है।
प्रदर्शन करने वाले गांव वालों का कहना था कि गांव में हिंदू धर्म के लोगों के धार्मिक जुलूस भी इन मार्गों से निकलते हैं। इससे टकराव की स्थिति पैदा होगी। इस संबंध में 21 अगस्त तक मीट की दुकानें निरस्त कराए जाने और दुकानों का लाइसेंस देने वाले के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग भी की गई। गांव वालों ने आरोप लगाया कि खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस काम के लिए मोटी रकम ली है। यही वजह है कि पुलिस की बिना रिपोर्ट के लाइसेंस जारी कर दिए गए हैं।
प्रदर्शन करने वालों में कल्लू, सालिग राम, चौखे लाल, धर्मपाल, ताराचंद्र, ओम प्रकाश, महेंद्र, तोताराम आदि बड़ी तादाद में गांव के लोग मौजूद रहे।