यहां बता दें कि नगर और शहरी क्षेत्र में संबंधित वार्ड के सभासदों
द्वारा एमडीएम का संचालन किया जाता है। कई बार एमडीएम की गुणवत्ता को लेकर
बच्चों और अभिभावकों ने हंगामा किया है। पिछले दिनों शहर के एक स्कूल में
एमडीएम खाने के बाद कई बच्चों की हालत बिगड़ गई। इस मामले को बीएसए आनंद
प्रकाश शर्मा ने गंभीरता से लेते हुए उस विद्यालय के प्रधानाध्यापक को हटा
दिया।
शहर और नगर क्षेत्रों के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में
पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर भोजन मिले इसके लिए बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा ने
नई पहल की है। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता को परखने के लिए सभी चेयरमैनों
को पत्र भेजा है। कहा है कि वह अपने स्तर से हर सप्ताह अधिशासी अधिकारी को
मौके पर भेजकर भोजन की गुणवत्ता की जांच कराने को कहा है। साथ ही कहा है कि
ईओ के निरीक्षण के साथ ही संबंधित चेयरमैन का पत्र साथ में होने के बाद ही
एमडीएम का संचालन करने वाले को कन्वर्जन कॉस्ट जारी की जाएगी। यदि अधिशासी
अधिकारी या फिर चेयरमैन ने किसी तरह की शिकायत की फिर विभाग द्वारा
संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी। बीएसए ने कहा है कि एमडीएम की
गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। आनंद प्रकाश शर्मा ने कहा
है कि बच्चों को बेहतर और मेन्यू के अनुसार भोजन मिले इसके लिए वह भी
निरंतर स्कूलों को चेक कर रहे हैं। जहां पर भी कमी मिल रही हैं
प्रधानाध्यापक या अन्य के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
एमडीएम वितरित न करने की शिकायत
बदायूं।
इस्लामनगर क्षेत्र के गांव चांदपुर निठाया के कई लोगों ने डीएम को पत्र
देकर प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को एमडीएम का वितरण नहीं किए जाने की
शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है। शिकायत करने वालों में मोहरपाल,
रामबाबू, कुबेर सिंह, हरीसिंह, गिरेंद्र सिंह, वीरेश, भगवान सिंह, महेंद्र
पाल आदि हैं।