अब तक एमडीएम में सुधार के लिए विभाग द्वारा समय-समय पर विद्यालयों निरीक्षण कर एमडीएम की गुणवत्ता और मात्रा की जांच की जा रही थी। जिन विद्यालयों में एमडीएम में अनियमितताएं पाई जाती थीं, उस विद्यालय के प्रधानाध्यपक से स्पष्टीकरण मांग लिया जाता था। जिला एमडीएम समन्वयक हिना खान ने बताया जिले के कई विद्यालयों में एमडीएम में बड़ी अनियमितताएं पाई गईं थीं। पिछले दिनों उसावां ब्लाक के विद्यालयों में एमडीएम में पाई गई गड़बड़ी के लिए 23 विद्यालयों के प्रधानाध्यपाकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। कुछ विद्यालयों ने अभी तक कोई भी जवाब भी विभाग को नहीं भेजा है।
अब प्रधान महालेखाकार के आडिट में एमडीएम में खामियां मिलने के बाद विभाग को पत्र भेजकर एमडीएम में गड़बडी करने वाले शिक्षकों को निलंबित करने को कहा गया है। शिक्षा विभाग को पत्र मिलने के बाद सभी प्रधानाध्यापकों में हड़कंप मच गया है, ऐसे में सभी अपने विद्यालयों में एमडीएम के रजिस्टर से लेकर खाद्य सामग्री को पूरा करने में जुट गए हैं। यदि अब किसी भी विद्यालय में एडीएम की गुणवत्ता या मात्रा में गड़बड़ी मिलती है, तो प्रधानाध्यापक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
फरवरी माह में हुए आडिट में एमडीएम में कई अनियमितताएं पाई गईं थीं। मुझे महालेखाकार का पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें एमडीएम में गड़बड़ी करने वाले शिक्षक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करने की संस्तुति के आदेश बीएसए को दिए गए हैं।
- हिना खान, जिला एमडीएम समन्वयक
दूध नहीं बंटा तो कार्रवाई तय
बदायूं। एमडीएम को राज्य सरकार ने गंभीरता से लेते हुए विभाग को प्रत्येक परिषदीय विद्यालय में दूध वितरण कराने के आदेश जारी किए हैं। ऐसे में विभाग ने भी दूध वितरण के लिए सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को अपने-अपने विद्यालयों में बच्चों को दूध वितरित करने का आदेश दे दिया है। विभाग अब बुधवार को किसी भी विद्यालय में दूध वितरण की स्थिति की जांच करा सकता है। यदि किसी भी विद्यालय में दूध वितरण नहीं किया गया, तो संबधित प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।