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बदायूं में बाढ़: खतरे के निशाने से ऊपर बह रही गंगा, कई गांव बने टापू, सड़कें कटीं; रामगंगा में भी उफान

Mon, 17 Jul 2023 10:18 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

बाढ़ के कारण सहसवान क्षेत्र के लोगों ने गांव को छोड़कर तटबंध पर शरण लेना शुरू कर दिया है। कादरचौक में भी गनियाई, जैतपुर पुख्ता, तेलिया नगला, पचौरी नगला समेत कई गांवों में पानी घुस गया है।
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बाढ़ के कारण ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ीं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नरौरा से गंगा में दो दिन से दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में गंगा किनारे बसे ग्रामीणों घबराए हुए हैं। बदायूं जिले में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 0.80 मीटर ऊपर है। बाढ़ का पानी लगातार गांवों की ओर बढ़ रहा है। रविवार को कादरचौक क्षेत्र के कई गांवों में पानी घुस गया और मुख्य सड़क को काट दिया। इधर, रामगंगा के उफनाने से दातागंज के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
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बाढ़ के कारण सहसवान क्षेत्र के लोगों ने गांव को छोड़कर तटबंध पर शरण लेना शुरू कर दिया है। कादरचौक में भी गनियाई, जैतपुर पुख्ता, तेलिया नगला, पचौरी नगला समेत कई गांवों में पानी घुस गया है। इससे करीब पांच हजार की आबादी प्रभावित है। रामगंगा का जलस्तर बढ़कर 160.150 हो गया। ऐसे में रविवार को सकतपुर, सिमरिया, जरतौली, मौसमपुर आदि गांव में बाढ़ का पानी घुस गया।

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प्रशासन ने बांटे तिरपाल

सहसवान क्षेत्र में तटबंध पर रहने वाले खागी नगला के ग्रामीणों को प्रशास ने तिरपाल बांटीं। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय सिठौलिया पुख्ता में लोगाें के रहने का इंतजाम किया है। हालांकि विद्यालय में कोई भी ग्रामीण शरण लेने के लिए नहीं पहुंचा है। प्रशासन के अनुसार एक से दो दिनों में वीर सहाय नगला के लोगों को भी तिरपाल बांटी जाएंगे।

 

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रविवार को बैराजों से छोड़ा गया पानी

- नरौरा से 211074 क्यूसेक
- बिजनौर 136037 क्यूसेक
- हरिद्वार से 83293 क्यूसेक
- गंगा के खतरे का निशान-162 मीटर पर
- गंगा बह रही 162.80 मीटर पर

रामगंगा के पानी से चार गांवों के संपर्क मार्ग डूबे

दातागंज क्षेत्र में रामगंगा में रविवार को पानी बढ़ गया, जिसने सकतपुर, सिमरिया समेत चार गांवों के संपर्क मार्ग पूरी तरह से डूब गए हैं। गांव भी टापू की तरह नजर आने लगे हैं।

शुक्रवार को रामगंगा का जलस्तर 150.590 था, जो रविवार को बढ़कर 160.150 हो गया है। जलस्तर बढ़ने से गांव सकतपुर, सिमरिया, जरतौली और माैसमपुर प्रभावित हैं। सबसे ज्यादा परेशानी सकतपुर के लोगों को हो रही है। सिमरिया, जरतौली और मौसमपुर गांव से बाढ़ का पानी दूर है, लेकिन रास्ता बंद हो गया। आने-जाने के लिए लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। इन गांव में करीब तीन हजार की आबादी प्रभावित हो रही है। इधर, हजरतपुर से गढि़या मार्ग और कुंडरा मजरा गांव का मुख्य मार्ग पहले से ही डूबा हुआ है।
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जैतपुर पुख्ता-गुलाबगंज मार्ग बहा, आठ गांवों में भरा पानी

रविवार को कादरचौक क्षेत्र के आठ गांव में गंगा की बाढ़ पानी घुस गया है। पहले सड़क पर एक फुट पानी चला, कुछ देर बाद मुख्य सड़क को काटकर बहा ले गया। जैतपुर पुख्ता से गुलाबगंज जाने वाला रोड पूरी तरह से बंद हो गया। गनियाई, जैतपुर पुख्ता, तेलिया नगला, पचौरी नगला, लल्सी नगला, पांडे नगला, कौआ नगला, खुडवारा गांव में बाढ़ से प्रभावित हैं। शाम होते हुए बाढ़ का पानी घरों में प्रवेश करने लगा। ब्लॉक से नूरपुर रोड की सड़क छह महीने पहले बनाई थी, लेकिन बारिश ने यह रोड भी कटाने लगी है। लालूपुर नगरिया, मनुआ नगला, भोजपुर समेत कई गांव के लोगों को परेशानी होगी। 
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