रविवार को बैराजों से छोड़ा गया पानी
- नरौरा से 211074 क्यूसेक
- बिजनौर 136037 क्यूसेक
- हरिद्वार से 83293 क्यूसेक
- गंगा के खतरे का निशान-162 मीटर पर
- गंगा बह रही 162.80 मीटर पर
रामगंगा के पानी से चार गांवों के संपर्क मार्ग डूबे
दातागंज क्षेत्र में रामगंगा में रविवार को पानी बढ़ गया, जिसने सकतपुर, सिमरिया समेत चार गांवों के संपर्क मार्ग पूरी तरह से डूब गए हैं। गांव भी टापू की तरह नजर आने लगे हैं।
शुक्रवार को रामगंगा का जलस्तर 150.590 था, जो रविवार को बढ़कर 160.150 हो गया है। जलस्तर बढ़ने से गांव सकतपुर, सिमरिया, जरतौली और माैसमपुर प्रभावित हैं। सबसे ज्यादा परेशानी सकतपुर के लोगों को हो रही है। सिमरिया, जरतौली और मौसमपुर गांव से बाढ़ का पानी दूर है, लेकिन रास्ता बंद हो गया। आने-जाने के लिए लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। इन गांव में करीब तीन हजार की आबादी प्रभावित हो रही है। इधर, हजरतपुर से गढि़या मार्ग और कुंडरा मजरा गांव का मुख्य मार्ग पहले से ही डूबा हुआ है।
जैतपुर पुख्ता-गुलाबगंज मार्ग बहा, आठ गांवों में भरा पानी
रविवार को कादरचौक क्षेत्र के आठ गांव में गंगा की बाढ़ पानी घुस गया है। पहले सड़क पर एक फुट पानी चला, कुछ देर बाद मुख्य सड़क को काटकर बहा ले गया। जैतपुर पुख्ता से गुलाबगंज जाने वाला रोड पूरी तरह से बंद हो गया। गनियाई, जैतपुर पुख्ता, तेलिया नगला, पचौरी नगला, लल्सी नगला, पांडे नगला, कौआ नगला, खुडवारा गांव में बाढ़ से प्रभावित हैं। शाम होते हुए बाढ़ का पानी घरों में प्रवेश करने लगा। ब्लॉक से नूरपुर रोड की सड़क छह महीने पहले बनाई थी, लेकिन बारिश ने यह रोड भी कटाने लगी है। लालूपुर नगरिया, मनुआ नगला, भोजपुर समेत कई गांव के लोगों को परेशानी होगी।