रेलवे लाइन से गुजरने के दौरान हाईवे की चौड़ाई 56 मीटर होगी। इसके अलावा हाईवे पर कितने अंडरपास, छोटे पुल, बड़े पुल और कितने बाईपास बनाए जाएंगे, यह सब पहले तय हो चुका है। फिलहाल हाईवे की जद में आने वाले मकानों और दुकानों का सर्वे कराया जा रहा है।
कौन से मकान की लंबाई-चौड़ाई कितनी, खाली प्लॉट है या दुकान बनी है। इन सबका सर्वे हो रहा है। उनके आकार-प्रकार के अनुसार ही भवनों का मूल्यांकन कराया जाएगा। फिर उसके अनुसार भवनों के मालिकों को भुगतान किया जाएगा और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
चिह्नित हो चुके हैं नौ से ज्यादा धर्मस्थल
बरेली-मथुरा हाईवे पर बदायूं जिले में नौ से ज्यादा धर्मस्थलों को चिह्नित किया जा चुका है। इसमें जजपुरा गांव का मंदिर, खाटू श्याम मंदिर भी शामिल हैं। इसके अलावा राजकीय मेडिकल कॉलेज की दीवार, उसके सामने बनी दुकानें और मकान, पेट्रोल पंप की दीवार, सार्वजनिक शौचालय, ढाबा, बीआरबी स्कूल की दीवार, एक रेस्टोरेंट की दीवार भी चिह्नित किए जा चुके हैं।