उझानी। दिल्ली हाईवे स्थित कूड़ा नरसिंगपुर की मेंथा ऑयल फैक्टरी में आग लग जाने के बाद पुलिस ने बुधवार रात में गांव को खाली कर दिया था। पूरी रात पड़ोसी गांवों में गुजारने के बाद बृहस्पतिवार सुबह कई परिवार लौट आए, लेकिन उन्हें अनहोनी का डर सता रहा है।
सुबह गांव लौटे तो सबसे पहले पालतू पशुओं को चारा और पानी का बंदोबस्त किया। डरी- सहमी महिलाओं ने बच्चों को घरों से बाहर नहीं निकलने दिया। परिवार के पुरुष सदस्य काफी दूर से फैक्टरी के हालात पर नजर रखे रहे। लौंगश्री ने बताया कि बुधवार रात करीब 10 बजे फैक्टरी में धमाके शुरू हुए, तब बच्चे को सुला रही थी। इसके कुछ देर बाद ही पुलिसकर्मी लोगों को गांव से बाहर चले जाने को कहते नजर आए। वह भी अपने मासूम बेटे को लेकर परिवार के साथ भवानीपुर चली गई। लौंगश्री की तरह कई महिलाओं को भी घर से जाते समय अनहोनी का डर सताता रहा।
सुरेंद्र के मकान का लिंटर क्षतिग्रस्त
फैक्टरी के पश्चिमी छोर पर बने सुरेंद्र के मकान पर उसी दौरान लोहे का मोटा टुकड़ा आकर गिरा। इससे लिंटर में दरार पड़ गई। इसी तरह नवल के उपलों के ढेर में चिंगारी गिरने से आग लग गई।
-
बहुत भयावह था रात का मंजर
फोटो- 10
बुधवार रात जिस समय फैक्टरी में आग लगी, वह अपने घर में थे। भोजन करने के बाद पानी पीने के लिए गिलास उठाया ही था कि चीख पुकार शुरू हो गई। वह बाहर निकले तो पता चला कि फैक्टरी में आग लग गई। - अंकित कुमार, कुड़ा नरसिंहपुर
फोटो- 11
हालात देख सिहर उठा पूरा परिवार
फैक्टरी में आग से कुछ देर पहले ही पलक झपकी थी। उसी दौरान पड़ोसी के बेटे ने आवाज लगाई कि चाचा भाग चलो। वह कुछ और बताता, उससे पहले ही गाड़ियों के सायरन बजने की आवाज सुनाई देने लगी। घर में ताला डालकर मैं भी निकल गया। - ओमपाल
अंकित कुमार।
अंकित कुमार।